Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश में आंधी-तूफान और भारी बारिश ने भीषण तबाही मचाई है। इस आपदा में फसलों को भारी क्षति पहुंची है और कई अनमोल जानें भी गई हैं। संकट की इस घड़ी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रभावितों के लिए बड़े राहत पैकेज की घोषणा की है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि सरकार हर पीड़ित परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है। मुख्यमंत्री ने मंत्रियों और अधिकारियों को तुरंत जमीन पर उतरकर पीड़ितों की मदद करने के सख्त निर्देश दिए हैं।
मृतकों के परिजनों को तुरंत मिलेगी 4 लाख की सहायता
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आपदा में जान गंवाने वाले व्यक्तियों के परिजनों के लिए तत्काल 4 लाख रुपये की आर्थिक मदद का ऐलान किया है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि राहत वितरण में किसी भी प्रकार की देरी या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सरकार का मुख्य उद्देश्य प्रभावित परिवारों को बिना किसी बाधा के समय पर वित्तीय सुरक्षा प्रदान करना है। इसके लिए जिलों के प्रभारी मंत्रियों को प्रभावित इलाकों का दौरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
किसानों के लिए फसल मुआवजे का विस्तृत चार्ट जारी
योगी सरकार ने उन किसानों के लिए मुआवजे की राशि तय कर दी है जिनकी 33 फीसदी से अधिक फसल बर्बाद हुई है। इसके तहत असिंचित क्षेत्रों के लिए 8,500 रुपये प्रति हेक्टेयर की मदद मिलेगी। सिंचित क्षेत्रों के लिए यह राशि 17,000 रुपये प्रति हेक्टेयर निर्धारित की गई है। वहीं, 12 महीने वाली फसलों और कृषि वानिकी के लिए किसानों को 22,500 रुपये प्रति हेक्टेयर का मुआवजा दिया जाएगा। यह सहायता अधिकतम दो हेक्टेयर तक की जमीन वाले किसानों को मिलेगी।
खेतों से मलबा हटाने के लिए भी मिलेगी आर्थिक मदद
भारी बारिश के कारण खेतों में सिल्ट और मलबा जमा होने की समस्या को सरकार ने गंभीरता से लिया है। मुख्यमंत्री ने खेतों की सफाई और मलबे को हटाने के लिए 18,000 रुपये प्रति हेक्टेयर तक की सहायता का प्रावधान किया है। इस कदम का उद्देश्य किसानों को दोबारा खेती शुरू करने के लिए प्रोत्साहित करना है। राहत आयुक्त डॉ. ऋषिकेश भास्कर यशोद ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी जिलाधिकारियों को पारदर्शिता के साथ सर्वे पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
पशुपालकों के नुकसान की भरपाई के लिए विशेष पैकेज
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सहारा देने के लिए सरकार ने पशुपालकों के लिए भी मुआवजे की घोषणा की है। दुधारू पशुओं जैसे गाय और भैंस की मौत पर 37,500 रुपये तक की मदद दी जाएगी। गैर-दुधारू पशुओं जैसे बैल और घोड़ों के लिए 32,000 रुपये तय किए गए हैं। बछड़े, गधे और खच्चर के नुकसान पर 20,000 रुपये मिलेंगे। वहीं, भेड़, बकरी और सूअर के लिए प्रति पशु 4,000 रुपये की सहायता राशि पशुपालकों के खातों में भेजी जाएगी।
हाई अलर्ट पर जिला प्रशासन और 1070 हेल्पलाइन सक्रिय
मौसम विभाग की चेतावनी के बाद ‘सचेत’ पोर्टल के जरिए जनता को रेड और ऑरेंज अलर्ट के 34 करोड़ से अधिक संदेश भेजे गए हैं। सभी जिला कंट्रोल रूम को हाई अलर्ट पर रखा गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके। आपदा प्रभावित नागरिक मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर 1070 पर तुरंत संपर्क कर सकते हैं। मुख्यमंत्री ने राहत कार्यों में पूर्ण संवेदनशीलता और तत्परता बरतने पर जोर दिया है ताकि सामान्य जनजीवन जल्द बहाल हो सके।

