Uttar Pradesh News: भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने बाराबंकी से बहराइच के बीच बनने वाले 8-लेन राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-927) के निर्माण की तैयारी तेज कर दी है। लखनऊ शाखा ने कागजी कार्यवाही पूरी करने के साथ ही जमीन पर काम शुरू कर दिया है। इस 101.5 किलोमीटर लंबे प्रोजेक्ट के पूरा होने से लखनऊ और अन्य राज्यों से आने वाले वाहनों को बड़ी राहत मिलेगी। नेपाल सीमा तक जाने वाले व्यापारिक और निजी वाहनों की रफ्तार बढ़ेगी, जिससे दोनों देशों के बीच व्यापार को एक नया आयाम मिलेगा।
दो चरणों में होगा 6969 करोड़ के मेगा प्रोजेक्ट का निर्माण
NHAI अधिकारियों के अनुसार इस बड़े प्रोजेक्ट को दो अलग-अलग हिस्सों में तैयार किया जा रहा है। पहला पैच बाराबंकी से मुस्ताफाबाद तक बनेगा और दूसरा पैच मुस्ताफाबाद से बहराइच के बीच निर्मित होगा। सरकार इस पूरे 8-लेन राजमार्ग के निर्माण पर कुल 6969 करोड़ रुपये खर्च करेगी। इस हाईवे के बनने से उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा हाल ही में अधिसूचित लखनऊ राज्य राजधानी क्षेत्र (SCR) के विकास को सबसे ज्यादा गति मिलेगी।
वन विभाग की जमीन और 9000 पेड़ों के कटान का पेंच
इस नए अलाइनमेंट के रास्ते में वन विभाग की 70 हेक्टेयर जंगल की जमीन आ रही है। हाईवे निर्माण के लिए इस क्षेत्र से लगभग नौ हजार पेड़ों को काटा जाना तय हुआ है। परियोजना निदेशक नकुल प्रकाश वर्मा ने बताया कि पेड़ों के कटान से संबंधित एक औपचारिक पत्र 13 जुलाई को मुख्यालय भेजा गया है। वहां से अंतिम मंजूरी मिलते ही मौके पर पेड़ों को हटाने का काम आधिकारिक रूप से शुरू कर दिया जाएगा।
बुढ़वल और कैसरगंज में यार्ड का काम शुरू, मिट्टी परीक्षण जारी
प्रोजेक्ट को समय पर पूरा करने के लिए निर्माण एजेंसी ने अपनी जमीनी तैयारियां काफी तेज कर दी हैं। कार्यदायी संस्था ने बाराबंकी के बुढ़वल और बहराइच के कैसरगंज में 150-150 बीघे जमीन पर बड़े निर्माण यार्ड बनाने का काम शुरू कर दिया है। वर्तमान में मुख्य रूट पर सॉइल टेस्टिंग यानी मिट्टी परीक्षण का काम तेजी से किया जा रहा है। इस परीक्षण की रिपोर्ट आने के बाद हाईवे की मुख्य सड़क की नींव मजबूत की जाएगी।
अक्टूबर 2026 से शुरू होकर 2028 तक पूरा होगा काम
NHAI लखनऊ ने इस हाईवे के निर्माण की अंतिम समय-सीमा पूरी तरह तय कर दी है। इस 8-लेन राष्ट्रीय राजमार्ग का निर्माण कार्य इसी वर्ष अक्टूबर 2026 से मैदानी स्तर पर शुरू हो जाएगा। विभाग ने इस पूरे इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट को अक्टूबर 2028 तक हर हाल में पूरा करने का कड़ा लक्ष्य रखा है। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय भी इस रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हाईवे की प्रगति की लगातार निगरानी कर रहा है।
ढाई घंटे का सफर अब सिर्फ 75 मिनट में होगा पूरा
इस 8-लेन हाईवे की सबसे बड़ी खासियत यह होगी कि इसमें केवल निर्धारित एंट्री और एग्जिट पॉइंट से ही वाहन आ-जा सकेंगे। वर्तमान में बाराबंकी से बहराइच जाने में करीब 2.50 घंटे का समय लगता है। इस नियंत्रित-प्रवेश वाले आधुनिक एक्सप्रेस-वे के बन जाने के बाद यह दूरी महज 1.25 घंटे यानी 75 मिनट में पूरी हो जाएगी। इससे यात्रियों के समय और वाहनों के ईंधन की भारी बचत सुनिश्चित होगी।

