पंजाब में नौकरियों की बंपर बौछार, सीएम भगवंत मान ने युवाओं को बांटे नियुक्ति पत्र, बताया अब तक का बड़ा रिकॉर्ड

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Punjab News: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राज्य के युवाओं को एक बड़ी सौगात दी है। उन्होंने सोमवार को एक विशेष समारोह में 355 योग्य युवाओं को सरकारी नौकरियों के नियुक्ति पत्र सौंपे। इस दौरान उन्होंने राज्य सरकार के पारदर्शी रोजगार अभियान की जमकर सराहना की है।

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस बड़ी उपलब्धि की जानकारी सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा करके दी। उन्होंने गर्व से दावा किया कि उनकी आम आदमी पार्टी की सरकार ने अब तक रिकॉर्ड 67,037 युवाओं को पूरी तरह मेरIT और ट्रांसपेरेंसी के आधार पर सरकारी नौकरियां दी हैं।

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बिना सिफारिश और बिना भ्रष्टाचार के मिल रहा रोजगार

मुख्यमंत्री ने भर्ती व्यवस्था पर बोलते हुए अन्य राज्यों की मौजूदा स्थिति पर तीखा तंज कसा। उन्होंने कहा कि आज देश के कई हिस्सों में पेपर लीक जैसे बड़े मामले सामने आ रहे हैं। इन घोटालों से ईमानदार और प्रतिभाशाली युवाओं का पूरा भरोसा टूट जाता है।

इसके विपरीत पंजाब ने अपनी ईमानदार भर्ती प्रक्रिया और बेहतर शिक्षा मॉडल से पूरे देश में एक नई पहचान बनाई है। पंजाब में किसी भी स्तर पर सिफारिश, राजनीतिक दबाव या भ्रष्टाचार को कोई जगह नहीं दी जा रही है। यहां सिर्फ युवाओं की मेहनत को ही प्राथमिकता मिलती है।

युवाओं को विदेशों में जाने से रोकेगा पंजाब का यह मॉडल

भगवंत मान ने बताया कि उनकी सरकार का मुख्य फोकस राज्य में ही रोजगार के बड़े अवसर बढ़ाना है। वे नहीं चाहते कि पंजाब के होनहार युवाओं को अपने उज्ज्वल भविष्य के लिए दूसरे राज्यों या विदेशी धरती पर निर्भर होना पड़े या वहां पलायन करना पड़े।

इसी सोच के साथ शिक्षा और रोजगार दोनों ही महत्वपूर्ण क्षेत्रों में बड़े स्तर पर प्रशासनिक सुधार किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने साफ किया कि विभिन्न सरकारी विभागों में रिक्त पदों को भरने के लिए यह विशेष भर्ती अभियान आने वाले समय में भी इसी रफ्तार से जारी रहेगा।

मुख्यमंत्री मान ने नए कर्मचारियों को दी एक खास सलाह

समारोह में नियुक्ति पत्र पाने वाले सभी नए कर्मचारियों को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री ने एक खास नसीहत भी दी। उन्होंने कहा कि यह सरकारी पद सिर्फ एक साधारण नौकरी नहीं है, बल्कि यह आम जनता और राज्य के बुजुर्गों की सच्ची सेवा करने का एक बड़ा मौका है।

सरकारी कर्मचारी ही असल में सीधे जनता और सरकार के बीच की सबसे मजबूत और महत्वपूर्ण कड़ी होते हैं। इसलिए दफ्तरों में आने वाले गरीब और आम नागरिकों के अटके हुए कामों को बिना किसी देरी के प्राथमिकता के आधार पर समय पर पूरा करना उनकी नैतिक जिम्मेदारी है।

Author: Gurpreet Singh

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