प्रधानमंत्री मोदी का रोम दौरा: भारत-इटली रणनीतिक साझेदारी को मिलेगी नई धार, मेलोनी ने किया गर्मजोशी से स्वागत!

- Advertisement -

Rome News: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी पांच देशों की महत्वपूर्ण यात्रा के अंतिम चरण में इटली की राजधानी रोम पहुँच गए हैं। रोम पहुँचने पर इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी ने उनका बेहद गर्मजोशी से स्वागत किया। मेलोनी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पीएम मोदी का स्वागत करते हुए उन्हें अपना ‘दोस्त’ संबोधित किया। यह दौरा दोनों देशों के बीच तेजी से बढ़ती रणनीतिक साझेदारी को नई ऊंचाइयों पर ले जाने वाला है।

अपनी रोम यात्रा के दौरान, प्रधानमंत्री मोदी बुधवार को भारत वापसी से पूर्व कई उच्चस्तरीय राजनयिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। पीएम मोदी इतालवी राष्ट्रपति सर्जियो मैटारेला से शिष्टाचार भेंट करेंगे और प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। इन बैठकों में दोनों देशों के बीच ‘संयुक्त रणनीतिक कार्य योजना 2025-2029’ के कार्यान्वयन पर मुख्य रूप से चर्चा की जाएगी।

- Advertisement -

भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन से मिली नई दिशा

रोम पहुँचने से पहले, प्रधानमंत्री मोदी ने ओस्लो में ‘तीसरे भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन’ में हिस्सा लिया। इस सम्मेलन में डेनमार्क, नॉर्वे, फिनलैंड, आइसलैंड और स्वीडन के शीर्ष नेताओं ने भाग लिया। भारतीय विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह यात्रा नॉर्डिक क्षेत्र के साथ भारत की साझेदारी में एक मील का पत्थर है और भारत-नॉर्वे संबंधों में एक नए अध्याय का सूत्रपात करती है।

शिखर सम्मेलन के दौरान मुख्य रूप से हरित प्रौद्योगिकी (Green Technology), जलवायु परिवर्तन, नवाचार और व्यापारिक सहयोग पर गहन विचार-विमर्श हुआ। इसके अलावा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), आर्कटिक अनुसंधान और रक्षा सहयोग जैसे भविष्योन्मुखी क्षेत्रों को लेकर दोनों पक्षों के बीच सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी है। इन क्षेत्रों में आपसी सहयोग से आर्थिक और तकनीकी विकास को नई गति मिलेगी।

रणनीतिक साझेदारी में बढ़ती सक्रियता

प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब भारत और इटली के संबंध वैश्विक स्तर पर काफी मजबूत हुए हैं। जून 2024 में जी7 शिखर सम्मेलन के लिए इटली की उनकी यात्रा ने दोनों देशों के बीच विश्वास के एक नए युग की शुरुआत की थी। रोम में होने वाली ये वार्ताएं रक्षा, अर्थव्यवस्था और क्षेत्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर आपसी समन्वय को और अधिक प्रगाढ़ करेंगी।

विदेश मंत्रालय ने ओस्लो यात्रा को अत्यंत सफल बताया है, जिसके परिणाम आने वाले वर्षों में भारत के बाहरी संबंधों पर सकारात्मक प्रभाव डालेंगे। प्रधानमंत्री की यह पांच देशों की यात्रा वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती कूटनीतिक सक्रियता का प्रमाण है। रोम में चल रही इन कूटनीतिक गतिविधियों पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं, जो भविष्य में बड़े रणनीतिक समझौतों का मार्ग प्रशस्त कर सकती हैं।

Author: Harikarishan Sharma

- Advertisement -

बड़ी खबरें

Topics

Hardeep Singh Puri का बड़ा बयान: कच्चे तेल के दाम स्थिर रहे, तो कम होंगी पेट्रोल-डीजल की कीमतें

Delhi News: केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप...

Related Articles