Kalaburagi News: कर्नाटक के कलबुर्गी सेंट्रल जेल से मंगलवार तड़के तीन उम्रकैदी फरार हो गए। इस बड़ी लापरवाही के आरोप में जेल के आठ अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया गया है। पुलिस ने फरार कैदियों में से एक को एनकाउंटर के बाद दोबारा गिरफ्तार कर लिया है। बाकी दो आरोपियों की तलाश की जा रही है।
एनकाउंटर के बाद बीदर में पकड़ा गया दोषी कैदी
पुलिस ने फरार कैदी संतोष को आज सुबह बीदर जिले के हुमनाबाद के पास पकड़ लिया। पुलिस को वहां उसके छिपे होने की गुप्त सूचना मिली थी। जब पुलिस टीम मौके पर पहुंची तो आरोपी ने उन पर हमला कर दिया। इसके बाद पुलिस ने पैर पर गोली मारकर उसे अरेस्ट कर लिया।
पब्लिक ट्रांसपोर्ट बस से भागे थे शातिर आरोपी
खबरों के अनुसार, कलबुर्गी जेल से भागने के बाद दो कैदी सरकारी बस से हुमनाबाद पहुंचे थे। पुलिस ने वहां के बाहरी इलाके में एक चेकप्वाइंट बनाया हुआ था। पुलिस नाकेबंदी को देखकर आरोपियों ने इंडस्ट्रियल एरिया की तरफ भागने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस ने एनकाउंटर कर संतोष को दबोच लिया।
बाथरूम की खिड़की काटकर भागने की तगड़ी प्लानिंग
फरार कैदियों ने जेल से भागने के लिए काफी तगड़ी प्लानिंग की थी। उन्होंने बैरक के बाथरूम की खिड़की में लगे लोहे के सरिए को काट दिया। फिर उस गैप से बाहर निकल गए। जेल के अंदर निर्माण कार्य चल रहा था, जिसका आरोपियों ने पूरा फायदा उठाया।
कंपाउंड दीवार लांघने के लिए सीढ़ी का इस्तेमाल
कैदियों ने जेल की दीवार लांघने के लिए वहां पड़ी सीढ़ी का इस्तेमाल किया। उन्होंने बिजली के तारों वाली बाड़ को पार किया। इसके बाद नीचे कूदने के लिए उन्होंने टी-शर्ट और तौलिये से बनी रस्सी बनाई। पुलिस फरार आरोपियों का पता लगाने के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है
पॉक्सो और हत्या के मामलों में थी उम्रकैद
फरार कैदियों में मस्तान, संतोष बसप्पा और सागर भीमराया शामिल हैं। ये तीनों अलग-अलग अपराधों में उम्रकैद की सजा काट रहे थे। इनमें से मस्तान और संतोष पॉक्सो एक्ट के तहत दोषी ठहराए गए थे। वहीं, तीसरा आरोपी सागर हत्या के मामले में जेल में बंद था।

