जालंधर में दो मामलों का भगोड़ा तस्कर गिरफ्तार, पुलिस को देखते ही उड़े होश, मिलीं नशीली गोलियां

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Punjab News: जालंधर देहात की फिल्लौर पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के दो अलग-अलग मामलों में लंबे समय से भगोड़ा घोषित चल रहे एक शातिर नशा तस्कर को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने तलाशी के दौरान आरोपित के कब्जे से 100 नशीली गोलियां भी बरामद की हैं।

अदालत ने घोषित किया था भगोड़ा, फिर भी बेच रहा था नशा

एसएसपी हरविंदर सिंह विर्क ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि डीएसपी भारत मसीह की देखरेख में फिल्लौर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर बलविंदर सिंह भुल्लर की टीम ने यह कार्रवाई की है। पुलिस टीम ने मोहल्ला चौधरियां के रहने वाले हैप्पी उर्फ पुत्र शादी राम को धर दबोचा।

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पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपित हैप्पी बेहद शातिर है। वह पहले से ही एनडीपीएस एक्ट के दो गंभीर मामलों में नामजद था। दोनों ही मामलों में अदालत उसे भगोड़ा (प्रोक्लेम्ड आफेंडर) घोषित कर चुकी थी। इसके बावजूद वह बेखौफ होकर दोबारा इलाके में अवैध नशे के काले कारोबार में पूरी तरह सक्रिय था।

लुधियाना रेलवे स्टेशन से जुड़े हैं तस्करी के तार

पुलिस पूछताछ में आरोपित ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उसने बताया कि वह लुधियाना रेलवे स्टेशन से बेहद सस्ती दरों पर नशीली गोलियां खरीदकर लाता था। इसके बाद वह इन प्रतिबंधित गोलियों को फिल्लौर शहर के लेबर मंडी और सिविल अस्पताल के बाहर जैसे प्रमुख इलाकों में महंगे दामों पर सप्लाई करता था।

आरोपित इस अवैध धंधे से होने वाली मोटी कमाई का इस्तेमाल अपने खुद के नशे की लत को पूरा करने के लिए करता था। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, आरोपित हैप्पी के खिलाफ साल 2024 और 2025 में भी एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें वह पुलिस को चकमा देकर लगातार फरार चल रहा था।

रिमांड पर आरोपित, सप्लायरों की तलाश तेज

फिल्लौर पुलिस ने आरोपित के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत एक और नया मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए आरोपित को माननीय अदालत में पेश किया, जहां से उसका पुलिस रिमांड हासिल कर लिया गया है। रिमांड के दौरान पुलिस उससे गहन पूछताछ कर रही है।

डीएफओ और एसएचओ की टीमें अब इस नशा सप्लाई नेटवर्क के आगे और पीछे के तमाम लिंक खंगालने में जुटी हैं। पुलिस का मुख्य उद्देश्य लुधियाना के उन बड़े सप्लायरों तक पहुंचना है, जो उसे यह माल देते थे, ताकि इस पूरे नेटवर्क को जड़ से खत्म किया जा सके।

Author: Gurpreet Singh

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