चीन-पाकिस्तान के छूटेंगे पसीने, अंतरिक्ष में भी दुश्मन की मिसाइलें तबाह करेगा भारत का नया अचूक ब्रह्मास्त्र

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New Delhi News: भारत ने रक्षा के क्षेत्र में एक बहुत बड़ी कामयाबी हासिल की है। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन यानी डीआरडीओ ने तीन सफल फ्लाइट टेस्ट करके दुनिया को अपनी ताकत दिखाई है। इन परीक्षणों में आधुनिक बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस सिस्टम और एक नई एंटी-शिप मिसाइल प्रणाली का शानदार प्रदर्शन किया गया है।

इस बड़े सफल परीक्षण के बाद देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गहरी खुशी जताई है। उन्होंने बताया कि भारतीय इंटरसेप्टर मिसाइलों ने हवा में अपने सभी लक्ष्यों को पूरी तरह से नेस्तनाबूद कर दिया। यह नया सिस्टम हर तरह के आधुनिक मिसाइल खतरों से बहुत ही आसानी से निपटने के लिए बनाया गया है।

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भारत के नए मिसाइल डिफेंस सिस्टम की बड़ी ताकत

डीआरडीओ के मुताबिक इस सफल टेस्ट से भारत की मल्टी-लेयर्ड मिसाइल डिफेंस तकनीक काफी मजबूत हुई है। यह आधुनिक सिस्टम उड़ान के अलग-अलग चरणों में दुश्मन की बैलिस्टिक मिसाइलों का पता लगाता है। इसके बाद यह उन्हें बहुत तेजी से ट्रैक करके हवा में ही पूरी तरह से बेअसर कर देता है।

भारतीय सेना की ताकत बढ़ाने वाले ये नए इंटरसेप्टर पूरी तरह अंतरिक्ष तक मार करने में सक्षम हैं। ये मिसाइलें एक्सो-एटमॉस्फेरिक यानी अंतरिक्ष में और एंडो-एटमॉस्फेरिक यानी वायुमंडल के भीतर भी दुश्मनों को ढूंढ निकालती हैं। ये खतरनाक मिसाइलें चीनी और पाकिस्तानी हमलों को नाकाम करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

नौसेना को मिली दुश्मन के युद्धपोतों को डुबाने वाली मिसाइल

डीआरडीओ ने इसके साथ ही नेवल एंटी-शिप मिसाइल-मीडियम रेंज का भी पहला सफल फ्लाइट ट्रायल पूरा किया। यह खास सिस्टम समुद्र में मध्यम दूरी से ही दुश्मन के खतरनाक युद्धपोतों को निशाना बनाने के लिए बना है। इस टेस्ट के बाद भारतीय नौसेना की समुद्र में प्रहार करने की क्षमता काफी ज्यादा बढ़ गई है।

भारत अब दुनिया के उन चुनिंदा शक्तिशाली देशों के क्लब में शामिल हो चुका है, जिनके पास आईसीबीएम यानी बहुत लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल को रोकने की अचूक क्षमता है। ये मिसाइलें 2000 से 5000 किलोमीटर रेंज वाली इंटरमीडिएट-रेंज मिसाइलों को हवा में ही मार गिराने का दम रखती हैं।

Author: Mohit

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