Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश में आउटसोर्स भर्ती को लेकर मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने एक बड़ा और महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य में इस अस्थायी भर्ती प्रक्रिया पर हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने कोई रोक नहीं लगाई है। इस कानूनी मामले में देश की सर्वोच्च अदालत यानी सुप्रीम कोर्ट ने रोक हटाई है।
मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने शिमला में मीडिया से अनौपचारिक बातचीत के दौरान राज्य सरकार के अधिकारों की पुरजोर वकालत की। उन्होंने दृढ़ता से कहा कि सरकारी नौकरियों से जुड़े सभी नीतिगत फैसले लेने का असली हक सिर्फ चुनी हुई सरकार का ही होता है। यह पूरी तरह से प्रशासनिक व्यवस्था के अधिकार क्षेत्र में आता है।
नीतिगत निर्णयों पर केवल राज्य सरकार का अधिकार
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि जनता के हित में नीतियां बनाना और उन्हें लागू करना शासन का मुख्य हिस्सा है। इन व्यवस्थाओं में बाहरी हस्तक्षेप सही नहीं है। सरकार युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। कोर्ट के इस सकारात्मक कदम से अब कई अटके हुए प्रशासनिक कार्यों को नई गति मिलेगी।
इस फैसले के बाद अब राज्य के विभिन्न सरकारी विभागों में खाली पड़े पदों पर आउटसोर्सिंग के जरिए कर्मियों की नियुक्ति का रास्ता साफ हो गया है। सरकार जल्द ही युवाओं के लिए रोजगार के नए दिशा-निर्देश और ब्योरा जारी कर सकती है। इससे लंबे समय से नौकरी का इंतजार कर रहे उम्मीदवारों को बड़ी राहत मिलेगी।
Reported By: Sunita Gupta

