Delhi News: सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को मथुरा स्थित श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह मस्जिद विवाद से जुड़ी एक अहम याचिका पर सुनवाई टाल दी है। शीर्ष अदालत ने मामले को स्थगित करने का निर्देश तब दिया, जब उन्हें बताया गया कि हिंदू पक्ष आपस में महत्वपूर्ण बातचीत कर रहे हैं।
अदालत को सूचित किया गया कि हिंदू पक्ष इस बात पर चर्चा कर रहे हैं कि इस पूरे मामले में किसका मुकदमा मुख्य माना जाएगा। जस्टिस संजय कुमार और संजीव सचदेवा की पीठ के समक्ष जैसे ही मामले की सुनवाई शुरू हुई, वादियों के बीच चल रही इस अनौपचारिक बातचीत की जानकारी दी गई।
शुरुआत में, पीठ ने कुछ हिंदू पक्षों की ओर से पेश अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन और दूसरे हिंदू पक्ष के वकील पी.वी. योगेश्वरन से इस बातचीत के संबंध में सवाल किए। पीठ ने पूछा कि क्या वाकई उनके बीच मामले को लेकर कोई आंतरिक चर्चा चल रही है।
कोर्ट रूम में वकीलों ने ऑफ-द-रिकॉर्ड बातचीत की दी जानकारी
सुनवाई के दौरान जस्टिस कुमार ने कहा कि अगर पक्षों के बीच कोई सकारात्मक बातचीत चल रही है, तो अदालत मामले को स्थगित कर देगी। इस पर अधिवक्ता योगेश्वरन ने अदालत से अनुरोध किया कि वे इस बातचीत को आधिकारिक आदेश में दर्ज न करें, क्योंकि यह पूरी तरह ऑफ-द-रिकॉर्ड है।
जस्टिस कुमार ने यह भी याद दिलाया कि इस मामले को पहले भी कई बार स्थगित किया जा चुका है। अदालत ने स्पष्ट किया कि इस बार स्थगन केवल इसी आधार पर दिया जा रहा है कि पक्षों के बीच आपस में कोई गंभीर चर्चा चल रही है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट के 2025 के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती
पीठ ने वकीलों से साफ कहा कि वे किसी भी पक्ष को बातचीत के लिए मजबूर नहीं कर रहे हैं। अदालत ने कहा कि अगर कोई चर्चा चल रही है, तो उसे आदेश में दर्ज करने में कोई हर्ज नहीं होना चाहिए। इसके साथ ही पीठ ने मामले की अगली सुनवाई 12 अगस्त तक टाल दी।
सुप्रीम कोर्ट दरअसल एक हिंदू पक्ष की उस याचिका पर सुनवाई कर रहा है, जिसमें इलाहाबाद हाईकोर्ट के 2025 के आदेश को चुनौती दी गई है। हाईकोर्ट ने अपने फैसले में दूसरे मुकदमे से जुड़े एक हिंदू पक्ष को भगवान कृष्ण के सभी भक्तों का आधिकारिक प्रतिनिधि मान लिया था।

