Delhi News: राजधानी दिल्ली के विवेक विहार इलाके से जालसाजी और धोखाधड़ी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। दो शातिर किराएदारों ने एक विधवा महिला के फ्लैट्स के फर्जी दस्तावेज तैयार किए। इसके बाद बैंक से करीब अठारह करोड़ रुपये का भारी-भरकम लोन डकार लिया।
इस पूरे खेल में फर्जी पैन कार्ड का इस्तेमाल किया गया। जालसाजों ने सब रजिस्ट्रार ऑफिस के वेरिफिकेशन सिस्टम को भी चकमा दे दिया। उन्होंने धोखाधड़ी से पूरी संपत्ति अपने नाम ट्रांसफर करवा ली थी। दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने एक मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
किराएदार बनकर आए ठगों ने ऐसे रची महाघोटाले की पूरी साजिश
यह पूरा मामला साल 2012 से शुरू होता है। विवेक विहार की रहने वाली उषा रानी सेठी ने कुछ नए फ्लैट्स खरीदे थे। इसी दौरान सचिन और संजय नाम के दो शख्स बेहद अर्जेंट बताकर उनके फ्लैट्स में किराएदार के तौर पर रहने आ गए।
सचिन ने खुद को मेटल ट्रेडिंग कंपनी का मालिक बताया था। दोनों ने सब रजिस्ट्रार कार्यालय में रेंट डीड भी रजिस्टर कराई थी। कुछ महीने रहने के बाद दोनों चुपचाप वहां से चले गए। इसके बाद अप्रैल 2013 में पीड़िता के घर सुप्रीम कोर्ट के वकीलों ने दस्तक दी।
ओडिशा के फर्जी पैन कार्ड से सब रजिस्ट्रार ऑफिस को दिया चकमा
वकीलों ने बताया कि फ्लैट्स पर पंजाब एंड सिंध बैंक से लोन लिया गया है। पुलिस जांच में पता चला कि यह अलग-अलग फर्जी कंपनियों के नाम पर अठारह करोड़ रुपये का महाघोटाला है। आरोपियों ने ओडिशा से इसी नाम की एक महिला का पैन कार्ड ढूंढा था।
आरोपियों ने एक अज्ञात महिला को असली मकान मालिक बनाकर सब रजिस्ट्रार ऑफिस भेज दिया। वहां फर्जी महिला ने कागजातों पर दस्तखत किए। इसके बाद आरोपियों ने प्रॉपर्टी की सेल डीड चुपचाप अपने नाम करा ली और बैंक से लोन लेकर रकम फर्जी शेल कंपनियों में घुमा दी।
दस साल से फरार इनामी हिस्ट्रीशीटर को पुलिस ने तिहाड़ से दबोचा
दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा की टीम ने फाइलों को दोबारा खंगाला। जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी का जीजा संजीव दीक्षित कई नामों से धोखाधड़ी करता है। उसके खिलाफ सीबीआई और पुलिस में दस से ज्यादा गंभीर मामले दर्ज हैं।
आरोपी पहले यूपी पुलिस की कस्टडी से चकमा देकर भाग निकला था। देश के अलग-अलग शहरों में छिपने के बाद वह तिहाड़ जेल में बंद था। आर्थिक अपराध शाखा ने कागजी कार्रवाई पूरी कर संजीव दीक्षित को इस मामले में दोबारा गिरफ्तार कर लिया है।

