ISRO Monsoon Satellite Images: इसरो सैटेलाइट की तस्वीरों ने दी सुखद खबर, उत्तर भारत में मानसून की जबर्दस्त वापसी से सूखे की टेंशन खत्म

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Delhi News: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन ने मानसून को लेकर एक बेहद राहत भरी खबर दी है। इसरो के मौसम उपग्रह ने मानसून की कुछ बहुत ही सुखद तस्वीरें जारी की हैं। इन नई तस्वीरों को देखकर देश में पिछले कई दिनों से चली आ रही सूखे की सबसे बड़ी चिंता पूरी तरह दूर हो जाएगी

इसरो की सैटेलाइट तस्वीरों से पता चलता है कि देश में मानसून ने बहुत ही शानदार वापसी की है। पिछले 125 वर्षों में जून का महीना पांचवां सबसे सूखा महीना रहा था। मगर अब जुलाई की शुरुआत में हो रही यह भारी बारिश पिछले सारे नुकसान की भरपाई आसानी से कर देगी

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इसैट सैटेलाइट की इंफ्रारेड तस्वीरों में दिखे बादलों के घने पैच

स्पेस एजेंसी ने बुधवार को अंतरिक्ष से ली गई लाइव तस्वीरें जारी की हैं। इन तस्वीरों में साफ दिख रहा है कि उत्तर भारत के आसमान में मानसून के घने बादल बहुत तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। जुलाई की शुरुआत के साथ ही मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है

इसरो के इनसैट-3डीएस सैटेलाइट की इंफ्रारेड तस्वीरों के अनुसार मध्य भारत से लेकर पूरे गंगा के मैदानी इलाकों तक घने बादल छाए हुए हैं। बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र से मौसम में बड़ा बदलाव आया है। इस वजह से सुस्त पड़ा मानसून एकाएक बहुत ज्यादा सक्रिय हो गया है

अरब सागर और बंगाल की खाड़ी दोनों तरफ से आ रही नमी वाली हवाएं उत्तर भारत का रुख कर रही हैं। यह नम हवाएं मैदानी क्षेत्रों में पहुंचकर बादलों के रूप में बरस रही हैं। इन बादलों की वजह से उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र के कई हिस्सों में मूसलाधार बारिश शुरू हो गई है

पश्चिम बंगाल से जम्मू कश्मीर तक फैली पंद्रह सौ किलोमीटर लंबी बादलों की पट्टी

राजधानी दिल्ली और उसके आसपास के इलाकों में दो जुलाई की सुबह से ही झमाझम बारिश हो रही है। सैटेलाइट तस्वीरों में इस हफ्ते लगभग पंद्रह सौ किलोमीटर लंबी बादलों की एक मजबूत पट्टी दिखाई दी है। यह बड़ी पट्टी पश्चिम बंगाल से लेकर सीधे जम्मू-कश्मीर तक फैली हुई है

इसरो के वैज्ञानिकों के अनुसार ये बादल अलग-अलग हिस्सों में बिखरे हुए नहीं हैं। ये सभी बादल एक लंबी कतार में आपस में जुड़े हुए हैं। इसका मतलब यह है कि अब देश के मैदानी राज्यों में छिटपुट बारिश नहीं होगी, बल्कि कई दिनों तक लगातार भारी बरसात देखने को मिलेगी

इस मूसलाधार बारिश का सबसे बड़ा फायदा हमारी कृषि, ग्रामीण जमीन और किसानों को मिलेगा। इससे फसलों को जीवनदान मिलेगा और देश में सूखे की आशंका हमेशा के लिए खत्म हो जाएगी। लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलेगी और अल नीनो का बढ़ता प्रभाव भी पूरी तरह बेअसर हो जाएगा

मौसम उपग्रह के डेटा के मुताबिक एक जुलाई को ही मानसून पश्चिमी उत्तर प्रदेश और हरियाणा के कई इलाकों में दस्तक दे चुका था। इसके बाद बुधवार रात से गुरुवार दोपहर तक मानसून दिल्ली-एनसीआर, चंडीगढ़ और पंजाब के बाकी हिस्सों में भी पहुंच गया, जिससे तापमान में भारी गिरावट आई है

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