Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश में एक स्वतंत्र डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘न्यूज4हिमालयन’ पर बड़ी कार्रवाई का मामला सामने आया है। राज्य सरकार की आलोचना करने वाले इस चैनल के बीस से अधिक वीडियो को ब्लॉक कर दिया गया है। इसके साथ ही फेसबुक पेज और इंस्टाग्राम अकाउंट पर भी कड़े प्रतिबंध लगाए गए हैं।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर डिजिटल मीडिया के वीडियो ब्लॉक
मीडिया प्लेटफॉर्म का दावा है कि सत्रह जून दो हजार छब्बीस को उसके फेसबुक पेज के कई वीडियो अचानक हटा दिए गए। इन वीडियो में सुक्खू सरकार के बजट, शराब फैक्ट्री घोटाले और बढ़ते कर्ज जैसे गंभीर मुद्दों पर रिपोर्टिंग की गई थी। इसके तुरंत बाद चैनल के इंस्टाग्राम अकाउंट को भी प्रतिबंधित कर दिया गया।
बिना नोटिस और स्पष्टीकरण के स्वतंत्र पत्रकारिता पर कार्रवाई
चैनल के संपादक शांतनु शुक्ल ने इस कार्रवाई को सरकार के खिलाफ उठने वाली आवाजों को दबाने का सुनियोजित प्रयास बताया है। उनका आरोप है कि इस प्रतिबंध से पहले उन्हें अपना पक्ष रखने का कोई अवसर नहीं दिया गया। संस्था को इस कार्रवाई के कानूनी आधार की भी कोई जानकारी नहीं दी गई है।
राजनीतिक दलों से सवाल और हाई कोर्ट जाने की तैयारी
डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म ने अब इस पूरे मामले को लेकर हाई कोर्ट का रुख करने का फैसला किया है। इसके साथ ही उन्होंने प्रेस की आजादी का मुद्दा उठाते हुए लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर भी सवाल दागे हैं। उन्होंने पूछा कि क्या मीडिया की स्वतंत्रता का सिद्धांत केवल विपक्ष तक ही सीमित है।
इस विवाद ने देश में साल उन्नीस सौ पचहत्तर के आपातकाल के उस काले दौर की यादें ताजा कर दी हैं। हिमाचल प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष द्वारा चैनल को पहले भी विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया जा चुका है। पुलिस थानों में एफआईआर दर्ज होने के बाद भी पत्रकार लगातार जनता से जुड़े मुद्दे उठा रहे हैं।

