Mandi News: पठानकोट-मंडी नेशनल हाईवे पर बलिंडी पुल के पास भारी लैंडस्लाइड के बाद डायवर्ट किया गया रास्ता पब्लिक के लिए आफत बन गया है। मैगल में लगभग डेढ़ किलोमीटर तक सड़क पर भारी कीचड़ होने के कारण एंबुलेंस, बसें और गाड़ियां लगातार फंस रही हैं।
शनिवार को भी इस वैकल्पिक मार्ग पर दो किलोमीटर से लंबा हैवी ट्रैफिक जाम लगा रहा। भारी कीचड़ के कारण स्मॉल कार्स के टायर एक ही जगह घूम जा रहे हैं। वहीं टू-व्हीलर राइडर्स और दोपहिया वाहन चालकों को भी मजबूरी में पैदल चलना पड़ रहा है।
कीचड़ में फंसी एंबुलेंस और बसें
वीकेंड पर इस रास्ते से गुजरने वाली एक लाइफ-सेविंग एंबुलेंस, प्राइवेट बस और कई कमर्शियल गाड़ियां दलदल में अचानक फंस गईं। हाईवे पर मौजूद लोकल लोगों और पैसेंजर्स ने बड़ी मुश्किल से गाड़ियों को धक्का देकर कीचड़ से बाहर निकाला।
दरअसल, बलिंडी पुल के पास पहाड़ी दरकने से नेशनल हाईवे को बहुत नुकसान पहुंचा था। इसके बाद रोड कंस्ट्रक्शन का काम कर रही प्राइवेट कंपनी ने मैगल गौसदन के पास से एक नया डायवर्जन रास्ता तैयार किया है, जहां से ट्रैफिक गुजारा जा रहा है।
इस न्यू रूट से सभी स्मॉल और हैवी व्हीकल्स को नए एनएच पर मैगल में बन रहे नए पुल के पास से निकाला जा रहा है। इस रास्ते में तीखे यू-टर्न और बहुत ज्यादा कीचड़ होने की वजह से सबसे बड़ी समस्या तब आती है जब हैवी ट्रक्स आमने-सामने आ जाते हैं।
टनल के नीचे भी सड़क हुई खराब
सड़क पर करीब दो इंच तक गहरा कीचड़ जमा हो चुका है, जिससे लोगों के पैर भी धंस रहे हैं। व्हीकल्स को सेफ निकालने के लिए ड्यूटी पर तैनात किए गए वर्कर्स को भी काम करने में काफी मेंटल और फिजिकल परेशानी उठानी पड़ रही है।
आगे बिजनी में टनल यानी सुरंग के नीचे से गुजर रही लिंक रोड पर भी कीचड़ ही सबसे बड़ी समस्या बना हुआ है। हालांकि, दूसरी तरफ हाईवे अथॉरिटी द्वारा बलिंडी पुल के पास रिटेनिंग वॉल और डंगा लगाने का रिपेयरिंग काम तेजी से जारी है।
मंडी के एडीएम डॉक्टर मदन कुमार ने इस लॉजिस्टिक्स क्राइसिस पर ऑफिशियल स्टेटमेंट दिया है। उन्होंने कहा कि पैसेंजर्स को किसी तरह की प्रॉब्लम न हो, इसके लिए एडमिनिस्ट्रेशन पूरी सिचुएशन पर लगातार नजर बनाए हुए है। कंस्ट्रक्शन कंपनी को भी कड़े निर्देश दिए गए हैं।

