भारतीय मूल के अनिल मेनन 14 जुलाई को अंतरिक्ष स्टेशन के लिए भरेंगे उड़ान, करेंगे कई बड़े वैज्ञानिक प्रयोग

Washington News: अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के भारतीय मूल के अंतरिक्ष यात्री अनिल मेनन 14 जुलाई को अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के लिए रवाना होंगे। कजाखस्तान के बैकानूर कॉस्मोड्रोम से शुरू होने वाला यह मिशन आठ महीने का होगा। मेनन आपातकालीन चिकित्सा के डॉक्टर और अमेरिकी अंतरिक्ष बल में कर्नल हैं।

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सोयुज अंतरिक्ष यान से शुरू होगी आठ महीने की ऐतिहासिक यात्रा

डॉ. अनिल मेनन रूस की अंतरिक्ष एजेंसी रोस्कोस्मोस के सोयुज एमएस-29 अंतरिक्ष यान से उड़ान भरेंगे। इस बेहद महत्वपूर्ण मिशन में उनके साथ रूसी अंतरिक्ष यात्री अन्ना किकिना और प्योत्र दुब्रोव भी शामिल रहेंगे। मेनन ने 2014 में नासा में बतौर फ्लाइट सर्जन अपने करियर की शुरुआत की थी।

इसके बाद वह 2018 में एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स से जुड़े और वहां मेडिकल प्रोग्राम शुरू किया। उन्होंने स्पेसएक्स की पहली मानव अंतरिक्ष उड़ानों और स्टारशिप रॉकेट के विकास में बड़ी भूमिका निभाई। दिसंबर 2021 में उनका चयन नासा के अंतरिक्ष यात्री के रूप में हुआ था।

अंतरिक्ष में मानव शरीर और गंभीर बीमारियों पर होगा बड़ा शोध

अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर आठ महीने के प्रवास के दौरान अनिल मेनन कई जटिल वैज्ञानिक प्रयोग करेंगे। वह अध्ययन करेंगे कि लंबे समय तक अंतरिक्ष में रहने का मानव शरीर पर क्या असर पड़ता है। विशेष रूप से सूक्ष्म गुरुत्वाकर्षण का इंसानी रक्त प्रवाह और नसों की संरचना पर होने वाले प्रभावों की जांच की जाएगी।

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भविष्य के गहन अंतरिक्ष अभियानों को ध्यान में रखते हुए वह पेयजल प्रणाली से अंतःशिरा द्रव (आईवी फ्लूइड) तैयार करने की तकनीक का परीक्षण करेंगे। इसके अलावा वह अंतरिक्ष में कंप्यूटर, एआई और चिकित्सा उपकरणों के लिए जरूरी सेमीकंडक्टर क्रिस्टल के उत्पादन को बेहतर बनाने पर भी रिसर्च करेंगे।

संवर्धित वास्तविकता और कृत्रिम बुद्धिमत्ता तकनीक का होगा परीक्षण

इस मिशन के दौरान अनिल मेनन संवर्धित वास्तविकता (ऑगमेंटेड रियलिटी) और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित अल्ट्रासाउंड जांच भी करेंगे। यह तकनीक भविष्य में पृथ्वी से मिलने वाली चिकित्सा सहायता पर निर्भरता को खत्म कर देगी। इस तकनीक में वास्तविक दुनिया के दृश्यों पर ही डिजिटल जानकारी और 3डी मॉडल दिखाई देते हैं।

दिलचस्प बात यह है कि अनिल मेनन की पत्नी अन्ना विल्हेम भी अंतरिक्ष यात्री हैं। उन्होंने सितंबर 2024 में स्पेसएक्स के पोलारिस डॉन मिशन के तहत अंतरिक्ष की यात्रा की थी। कर्नल मेनन का भारत से भी गहरा नाता रहा है, वह यहां पोलियो टीकाकरण अभियान का हिस्सा रह चुके हैं।

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