New Delhi News: भारतीय डाइट में रोटी का एक बहुत ही खास महत्व है। आज लोग सिर्फ गेहूं ही नहीं बल्कि मक्का, ज्वार, बाजरा और रागी की रोटियां भी खाना पसंद करते हैं। ऐसे में यह जानना बहुत जरूरी है कि कौन सी रोटी आपके हेल्थ और डाइजेशन के लिए सबसे बेस्ट ऑप्शन है।
अलग-अलग अनाजों के आटे से बनी रोटियों के अपने खास फायदे होते हैं। शरीर को सही न्यूट्रिशन और एनर्जी देने के लिए आपकी उम्र और हेल्थ कंडीशन बहुत मायने रखती है। फूड एक्सपर्ट्स मानते हैं कि हर अनाज में विटामिंस और मिनरल्स का एक अलग लेवल और बैलेंस मौजूद होता है।
आजकल के मॉडर्न लाइफस्टाइल में लोग अपनी फिटनेस को लेकर काफी ज्यादा एक्टिव हो गए हैं। सिर्फ टेस्ट ही नहीं, बल्कि फूड की क्वालिटी और उसमें मौजूद न्यूट्रिशन पर भी फोकस बढ़ गया है। इसलिए पारंपरिक रोटियों के साथ-साथ मोटे अनाज वाले सुपरफूड्स की डिमांड मार्केट में काफी तेज हुई है।
डेली डाइट के लिए गेहूं की रोटी है सबसे बेस्ट
गेहूं की रोटी हमारी डेली डाइट का एक बहुत ही पॉपुलर हिस्सा है। इसमें फाइबर, प्रोटीन और फॉस्फोरस जैसे कई जरूरी न्यूट्रिएंट्स पाए जाते हैं। साबुत गेहूं का आटा हमारे डाइजेशन सिस्टम को काफी मजबूत बनाता है। इसे खाने के बाद लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस होता है।
गेहूं की रोटी का ग्लाइसेमिक इंडेक्स रिफाइंड आटे के मुकाबले काफी कम होता है। इसलिए इसे हेल्थ के लिए बहुत ही सेफ और अच्छा ऑप्शन माना जाता है। इससे शरीर को लगातार एनर्जी मिलती रहती है। ज्यादातर घरों में सुबह और शाम के खाने में गेहूं का ही इस्तेमाल होता है।
हेल्थ एक्सपर्ट्स कई बार अलग-अलग अनाजों को मिक्स करके मल्टीग्रेन आटा बनाने की सलाह देते हैं। ऐसा करने से शरीर को एक ही रोटी में कई तरह के विटामिंस और प्रोटीन मिल जाते हैं। मल्टीग्रेन रोटियां डाइजेशन को स्मूथ रखती हैं और बॉडी की इम्युनिटी पावर को भी काफी बढ़ाती हैं।
मक्का और ज्वार की रोटी से मिलता है शानदार न्यूट्रिशन
मक्के की रोटी टेस्ट के साथ-साथ शरीर को भरपूर एनर्जी भी देती है। इसमें कार्बोहाइड्रेट, फाइबर और मैग्नीशियम अच्छी मात्रा में मौजूद होते हैं। मक्के का कार्बोहाइड्रेट शरीर में बहुत धीरे-धीरे पचता है। इससे लंबे समय तक बॉडी में एनर्जी बनी रहती है और आंखों की हेल्थ भी अच्छी रहती है।
जो लोग ग्लूटेन फ्री डाइट फॉलो करना चाहते हैं, उनके लिए ज्वार की रोटी शानदार है। इसमें आयरन, जिंक और कई जरूरी विटामिंस पाए जाते हैं। यह हमारे डाइजेशन को बेहतर बनाने के साथ ही ब्लड शुगर लेवल को भी काफी हद तक कंट्रोल करने में मदद करती है।
ज्वार की रोटी पचने में काफी हल्की होती है और पेट को आराम देती है। जिन लोगों को अक्सर गैस या एसिडिटी की प्रॉब्लम रहती है, उन्हें अपनी डाइट में ज्वार जरूर शामिल करना चाहिए। इससे मेटाबॉलिज्म तेज होता है और शरीर का ओवरऑल सिस्टम बहुत अच्छे से काम करता है।
बाजरा और रागी की रोटियां हैं असली सुपरफूड का खजाना
सर्दियों के मौसम में बाजरे की रोटी न्यूट्रिशन के मामले में असली सुपरफूड मानी जाती है। इसमें प्रोटीन, आयरन और फॉस्फोरस का बेहतरीन कॉम्बिनेशन होता है। इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है, इसलिए डायबिटीज के पेशेंट्स के लिए यह बहुत ही फायदेमंद और सेफ डाइट ऑप्शन साबित होती है।
बाजरा शरीर को गर्म रखता है और लंबे समय तक कमजोरी महसूस नहीं होने देता। वहीं, रागी की रोटी भी न्यूट्रिशन के मामले में किसी से पीछे नहीं है। रागी में भरपूर मात्रा में कैल्शियम, पोटैशियम और जरूरी अमीनो एसिड पाए जाते हैं। यह हेल्थ के लिए एक स्मार्ट चॉइस है।
रागी हमारी हड्डियों को मजबूत बनाने और मसल्स को ताकत देने में बहुत हेल्प करती है। इसके अलावा, वजन कम करने और फिटनेस मेंटेन रखने में भी रागी का आटा बहुत उपयोगी है। अगर आप वेट लॉस जर्नी पर हैं, तो रागी की रोटी आपको शानदार रिजल्ट दे सकती है।
आपकी हेल्थ के लिए कौन सा आटा है सबसे बेस्ट
हर इंसान का शरीर अलग तरह से रिएक्ट करता है। इसलिए किसी भी नए आटे को अपनी डेली डाइट में शामिल करने से पहले उसकी क्वांटिटी पर ध्यान देना चाहिए। शुरुआत में मोटे अनाज की रोटियां कम मात्रा में खानी चाहिए, ताकि आपका डाइजेशन सिस्टम उसके हिसाब से एडजस्ट हो सके।
फूड और हेल्थ वेबसाइट ह्युगालाइफ के मुताबिक, बैलेंस डाइट के लिए साबुत गेहूं सबसे अच्छी चॉइस है। अगर आप शरीर में न्यूट्रिशन बढ़ाना चाहते हैं, तो बाजरा और रागी का सेवन करें। वहीं, ग्लूटेन फ्री खाने वालों के लिए मक्का और ज्वार की रोटी हमेशा एक परफेक्ट ऑप्शन मानी जाती है।

