Kullu News: हिमाचल प्रदेश के कुल्लू क्षेत्रीय अस्पताल में गत 21 जून को प्रसूता रजनी की मौत का मामला अब पूरी तरह गरमा गया है। इस दुखद घटना ने अब एक बड़े जनआंदोलन का रूप ले लिया है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा अब तक कोई सख्त कार्रवाई न किए जाने से नाराज ग्रामीणों ने सोमवार को अस्पताल परिसर में उग्र प्रदर्शन किया।
उग्र भीड़ सुरक्षा कर्मियों के साथ धक्का-मुक्की करते हुए मुख्य गेट खोलकर अचानक अस्पताल परिसर के भीतर घुस आई। उद्वेलित प्रदर्शनकारियों ने प्रदेश सरकार के स्वास्थ्य मंत्री का पुतला फूंककर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया। इस दौरान लोगों ने राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की।
लापरवाही के खिलाफ अस्पताल परिसर में ही आमरण अनशन शुरू
इस बड़े आंदोलन का नेतृत्व सराज क्षेत्र के प्रतिष्ठित समाजसेवी बलदेव उर्फ बंटी कर रहे हैं। उन्होंने दो टूक कहा कि यदि दोषियों के खिलाफ जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो इस आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। न्याय की मांग को लेकर प्रदर्शनकारी अब चिकित्सालय परिसर में ही आमरण अनशन पर बैठ गए हैं।
परिजनों का सीधा आरोप है कि प्रसूता रजनी की असामयिक मृत्यु स्वास्थ्य विभाग की गंभीर लापरवाही का सीधा परिणाम है। प्रदर्शनकारियों ने ड्यूटी पर तैनात स्टाफ नर्स और मुख्य चिकित्सक के कथित खराब व्यवहार पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि चिकित्सा कर्मियों का व्यवहार हमेशा संवेदनशील होना चाहिए।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़े प्रदर्शनकारी
मृतका के पति सतीश कुमार ने पहले ही इस लापरवाही के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग को लिखित शिकायत सौंप दी थी। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष उच्च स्तरीय जांच और दोषियों पर तत्काल सख्त विभागीय कार्रवाई की मांग की थी। हालांकि विभागीय जांच की धीमी गति से परिजनों में भारी रोष व्याप्त है।
आंदोलनकारियों ने अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक (एमएस) से भी मुलाकात की। वहां कोई संतोषजनक आश्वासन न मिलने पर वे प्रशासनिक कार्यालय के बाहर डटे रहे। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) मौके पर खुद आकर उचित कार्रवाई का लिखित भरोसा नहीं देते, तब तक उनका यह अनशन जारी रहेगा।

