Kullu News: हिमाचल प्रदेश अपनी खूबसूरत वादियों और ऊंचे पहाड़ों के लिए पूरी दुनिया में फेमस है। लेकिन इन्हीं वादियों के बीच कुल्लू डिस्ट्रिक्ट की पार्वती वैली में बसा मलाणा गांव अपने अजीबोगरीब कायदे-कानूनों के लिए जाना जाता है। इस रहस्यमयी गांव में बिना परमिशन किसी भी चीज को छूना सख्त मना है।
मलाणा गांव के कड़े सोशल रूल्स के मुताबिक, कोई भी बाहरी व्यक्ति यहां के लोगों, मकानों या मंदिरों को टच नहीं कर सकता। अगर कोई टूरिस्ट अनजाने में भी इस नियम को तोड़ता है, तो उस पर ₹2,500 से ₹3,500 तक का जुर्माना लगाया जाता है। यहां तक कि छू जाने पर स्थानीय लोग तुरंत स्नान करते हैं।
बिना छुए जमीन पर पैसे रखकर होता है सामान का लेन-देन
इस गांव में लेन-देन का तरीका भी बेहद अनोखा है। जब कोई टूरिस्ट शॉप से सामान खरीदता है, तो दुकानदार सीधे हाथ में पैसे लेने की बजाय उन्हें जमीन पर रखने को कहता है। इसके बाद सामान भी जमीन पर ही रखा जाता है। लोग अपनी कल्चरल प्योरिटी को बनाए रखने के लिए इन नियमों को फॉलो करते हैं।
सिकंदर महान के वंशज और जमलू देवता की अनोखी मान्यता
यहाँ के निवासी खुद को सिकंदर महान की सेना के घायल सैनिकों का वंशज मानते हैं। मलाणा के लोग ‘जमलू देवता’ की पूजा करते हैं, जिन्हें आर्य काल से भी पुराना माना जाता है। इस गांव की अपनी अलग भाषा ‘कनाशी’ है, जो तिब्बती और संस्कृत का मिक्सचर है और इसे सिर्फ यहीं के लोग समझ सकते हैं।
भांग के पौधों से बनने वाली ‘मलाणा क्रीम’ के लिए प्रसिद्ध है यह क्षेत्र
पहले इस गांव की इकोनॉमी भांग से बनी रस्सियों, चप्पलों और मक्का-आलू की खेती पर डिपेंड थी। अब टूरिज्म यहां की कमाई का मेन सोर्स है। यहां मिलने वाली ‘मलाणा क्रीम’ (चरस) अपनी प्योरिटी के लिए वर्ल्डवाइड फेमस है। मलाणा गेट से 2-3 घंटे की पैदल ट्रैकिंग करके ही इस खूबसूरत गांव तक पहुंचा जा सकता है।
मलाणा के आसपास मौजूद हैं ये खूबसूरत टूरिस्ट डेस्टिनेशंस
मलाणा ट्रिप के दौरान टूरिस्ट्स आसपास की कई शानदार जगहों पर घूम सकते हैं, जो नेचर लवर्स के लिए बेस्ट ऑप्शन हैं:
- पार्वती घाटी: यह घाटी अपने घने जंगलों, बहती नदी और ट्रैकिंग-कैंपिंग के लिए बेहद पॉपुलर है।
- कसोल: इसे ‘मिनी इजरायल’ भी कहते हैं, जो अपने कैफे कल्चर और इजरायली संस्कृति के लिए मशहूर है।
- खीरगंगा: 14 किलोमीटर के ट्रैक के बाद यहां नेचुरल हॉट वाटर स्प्रिंग (गर्म पानी का कुंड) मिलता है।
- तोष वैली और चलाल: भीड़भाड़ से दूर सुकून बिताने और बर्फबारी का नजारा देखने के लिए ये बेस्ट विलेज हैं।

