हिमाचल प्रदेश में पांच दिन की देरी से पहुंचा मानसून, मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों के लिए जारी किया ऑरेंज अलर्ट

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Himachal News: हिमाचल प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून ने आखिरकार अपनी दस्तक दे दी है। मौसम विज्ञान केंद्र ने मंगलवार को आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि की है। प्रदेश के कई हिस्सों में झमाझम बारिश शुरू हो चुकी है। अगले तीन दिनों में मानसून पूरे राज्य को कवर कर लेगा।

सामान्य तारीख से पांच दिन की देरी से आया मानसून

इस साल हिमाचल प्रदेश में मानसून तय समय से करीब पांच दिन की देरी से पहुंचा है। आम तौर पर राज्य में मानसून पहुंचने की तारीख 25 जून मानी जाती है। पिछले साल यानी 2023 में मानसून ने 20 जून को ही हिमाचल में एंट्री कर ली थी।

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मौसम विज्ञान केंद्र की रिपोर्ट के अनुसार मानसून ने पूरे किन्नौर जिले को कवर कर लिया है। इसके अलावा लाहौल-स्पीति, कुल्लू, शिमला और मंडी के अधिकांश हिस्सों में बारिश शुरू हो गई है। सिरमौर और कांगड़ा जिलों के भी कुछ भागों में मानसून की हवाएं सक्रिय हो चुकी हैं।

भारी बारिश को लेकर विभाग ने जारी की चेतावनी

मानसून की दस्तक के साथ ही पूरे प्रदेश का मौसम पूरी तरह बदल गया है। मौसम विज्ञान केंद्र ने आने वाले एक हफ्ते तक भारी से बहुत भारी बारिश की कड़ी चेतावनी दी है। विभाग ने 1 जुलाई को कई इलाकों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है।

मौसम विभाग ने ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, चंबा, कांगड़ा, मंडी, शिमला और सोलन में तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी। इस दौरान गरज-चमक के साथ भारी बारिश होने की पूरी संभावना है।

इसके बाद प्रशासन ने 2, 3 और 4 जुलाई को लेकर प्रदेश में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन तीन दिनों में 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। मौसम विभाग ने आकाशीय बिजली गिरने को लेकर भी गाइडलाइन जारी की है।

नदी-नालों के पास जाने से बचने की दी सलाह

मौसम विज्ञान केंद्र ने लगातार होने वाली बारिश से भूस्खलन और अचानक बाढ़ की चेतावनी दी है। इस खराब मौसम के कारण कई नेशनल हाईवे और संपर्क सड़कें अवरुद्ध हो सकती हैं। विभाग ने लोगों को संवेदनशील इलाकों में न जाने की सख्त हिदायत दी है।

प्रशासन ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों को नदी-नालों से दूर रहने को कहा है। मानसून के एक्टिव होने से पहले ही राज्य के गोहर में सबसे ज्यादा 55 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा मंडी, बरठीं और सुंदरनगर में भी अच्छी वर्षा रिकॉर्ड की गई है।

भारी बारिश के बाद पूरे हिमाचल प्रदेश के तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। लाहौल का कुकुमसेरी 8.4 डिग्री न्यूनतम तापमान के साथ सबसे ठंडा इलाका रहा। राजधानी शिमला में न्यूनतम तापमान 19.5 डिग्री और मनाली में 20.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है।

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