अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में पुलिस की बड़ी कार्रवाई, आरोपियों और ट्रस्ट का मांगा पांच साल का बैंक रिकॉर्ड

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Ayodhya News: उत्तर प्रदेश के अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे में हुए कथित गबन की जांच अब वित्तीय ऑडिट के चरण में पहुंच गई है। अयोध्या पुलिस ने इस मामले से जुड़े आठों गिरफ्तार आरोपियों और श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पिछले पांच वर्षों के बैंकिंग रिकॉर्ड छह प्रमुख बैंकों से मांगे हैं।

संदिग्ध वित्तीय लेन-देन की कड़ी जोड़ने में जुटी जांच एजेंसियां

पुलिस के अनुसार जांच एजेंसियों ने बैंकों से विस्तृत बैंक स्टेटमेंट, लेन-देन का इतिहास, केवाईसी दस्तावेज और जमा रिकॉर्ड मांगे हैं। इस कड़े कदम का मुख्य उद्देश्य श्रद्धालुओं के चढ़ावे के दुरुपयोग से जुड़े किसी भी संदिग्ध धन प्रवाह की सटीक पहचान करना है। अधिकारी पूरे मामले की गहनता से पड़ताल कर रहे हैं।

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जांच टीम मुख्य रूप से यह पता लगा रही है कि जब आरोपी मंदिर के दान प्रबंधन प्रणाली से जुड़े थे, तब खातों में कोई असामान्य नकद हस्तांतरण तो नहीं हुआ। इसी सिलसिले में पुलिस की एक विशेष टीम ने भारतीय स्टेट बैंक यानी एसबीआई की अयोध्या धाम शाखा का विस्तृत दौरा भी किया है।

एसबीआई की नया घाट शाखा बनी वित्तीय जांच का प्रमुख केंद्र

एसबीआई की इसी मुख्य शाखा में राम मंदिर ट्रस्ट का मुख्य दान खाता संचालित होता है। वहां से महत्वपूर्ण बैंकिंग रिकॉर्ड और जरूरी दस्तावेज एकत्र किए गए हैं। इसके साथ ही पुलिस उन बैंकों से भी डाटा जुटा रही है, जहां गिरफ्तार आरोपियों के व्यक्तिगत या वेतन खाते मौजूद हैं।

अधिकारी सभी बैंक खातों के लेन-देन का तुलनात्मक विश्लेषण कर रहे हैं। पुलिस यह देखना चाहती है कि गबन की गई राशि बैंकिंग प्रणाली के माध्यम से कहां भेजी गई। अयोध्या स्थित एसबीआई की नया घाट शाखा वर्तमान समय में इस पूरी वित्तीय जांच का सबसे प्रमुख केंद्र बन चुकी है।

सोमवार को पुलिस ने इस शाखा के वरिष्ठ अधिकारियों से करीब चार घंटे तक पूछताछ की थी। इस विशिष्ट शाखा में सात मुख्य आरोपियों और मंदिर ट्रस्ट से जुड़े खाते संचालित हैं। पुलिस ने भारतीय स्टेट बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा और केनरा बैंक सहित छह बैंकों को आधिकारिक नोटिस भेजे हैं।

लगभग 80 लोग जांच के दायरे में, चरणबद्ध तरीके से जारी नोटिस

पुलिस ने इन बैंकों से आरोपियों, ट्रस्ट और मामले से जुड़े अन्य लोगों के बैंक खातों तथा लॉकरों का पूरा विवरण मांगा है। प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि इस बड़े घोटाले में लगभग 70 से 80 लोग सीधे तौर पर जांच के दायरे में आ चुके हैं।

पुलिस इन सभी संदिग्धों को चरणबद्ध तरीके से नोटिस जारी कर रही है। मंदिर दान में हुई कथित वित्तीय अनियमितताओं की इस बड़ी जांच के तहत सभी के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं। जांच एजेंसियां इन बैंक रिकॉर्ड का मिलान सीसीटीवी फुटेज, डिजिटल साक्ष्यों और नकद जमा रजिस्टर से भी करेंगी।

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