गर्मी में डिहाइड्रेशन ही नहीं, ब्लड क्लॉटिंग का भी है गंभीर खतरा; डॉक्टर से जानें इसके कारण और बचाव के उपाय

Health News: गर्मी का मौसम आते ही हीटवेव के कारण लोगों को डिहाइड्रेशन और थकान जैसी परेशानियां होने लगती हैं। इन समस्याओं के असर को कम करने के लिए लोग अक्सर ओआरएस का घोल पीने लगते हैं। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि इस मौसम में ब्लड क्लॉटिंग का खतरा भी काफी बढ़ जाता है।

ग्रेटर नोएडा के शारदाकेयर-हेल्थसिटी (Senior Consultant – General Medicines) के विशेषज्ञ डॉक्टर के अनुसार, हीटवेव के दौरान अगर खून के थक्कों का समय पर इलाज न हो, तो ये जानलेवा भी हो सकते हैं। गर्मी में सिर्फ पानी की कमी ही समस्या नहीं होती, बल्कि डिहाइड्रेशन के कारण खून के प्रवाह पर भी गहरा असर पड़ता है।

डॉ. नीरज कुमार (Dr. Niraj Kumar) कहते हैं, “जब तापमान बढ़ता है, तो शरीर को खुद को ठंडा रखने के लिए ज्यादा पसीना निकालना पड़ता है। पसीना निकलने के कारण शरीर से पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स बाहर होते हैं। पर्याप्त पानी न मिलने पर डिहाइड्रेशन के कारण ब्लड गाढ़ा होने लगता है, जिससे थक्के बनते हैं।”

किन लोगों को होता है ब्लड क्लॉटिंग का सबसे ज्यादा खतरा?

डॉक्टरों के अनुसार, जो लोग लंबे समय तक तेज धूप में काम करते हैं और पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं पीते हैं, उनमें यह जोखिम बहुत ज्यादा बढ़ जाता है। इसके अलावा, घंटों तक एक ही जगह पर लगातार बैठे रहने की आदत भी खून की नलिकाओं में थक्के जमने का एक बड़ा कारण बनती है।

बुजुर्गों, मोटापे से ग्रस्त लोगों, हार्ट और हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों को हीटवेव में अपना खास ध्यान रखने की जरूरत होती है। इसके अलावा, डायबिटीज के मरीजों और जिन लोगों को पहले कभी भी ब्लड क्लॉट की समस्या हो चुकी हो, उन्हें भीषण गर्मी के दौरान बेहद सतर्क रहना चाहिए।

हीटवेव में खून के थक्कों से बचने के आसान उपाय

डॉ. नीरज कुमार ने इस जानलेवा रिस्क को कम करने के लिए कुछ बेहद आसान तरीके बताए हैं। लोगों को दिनभर में प्रचुर मात्रा में पानी पीते रहना चाहिए। इसके अलावा, शरीर में जरूरी पोषक तत्वों की कमी को पूरा करने के लिए आवश्यकतानुसार इलेक्ट्रोलाइट्स वाले हेल्दी ड्रिंक्स का सेवन करना चाहिए।

लंबे समय तक तेज धूप में रहने से बचें और बहुत अधिक गर्मी के समय बाहर न निकलें। सफर के दौरान या ऑफिस में काम करते समय लगातार बैठने के बजाय बीच-बीच में थोड़ा टहलें। अपने शरीर को हमेशा फिजिकली एक्टिव रखें और किसी भी तरह की शारीरिक असहजता को नजरअंदाज न करें।

इन गंभीर लक्षणों को कभी भी न करें नजरअंदाज

डॉक्टर जोर देते हुए कहते हैं कि अगर गर्मी के मौसम में किसी के पैरों में अचानक सूजन, भारीपन, सांस लेने में तकलीफ या सीने में तेज दर्द महसूस हो, तो इसे भूलकर भी सामान्य न समझें। अचानक चक्कर आने की समस्या को भी इग्नोर नहीं करना चाहिए, क्योंकि ये क्लॉटिंग के लक्षण हो सकते हैं।

भीषण गर्मी के इस दौर में गंभीर डिहाइड्रेशन से बचना ही सबसे सुरक्षित उपाय है, क्योंकि पानी की कमी सीधे तौर पर ब्लड क्लॉटिंग की प्रक्रिया को तेज कर देती है। इसलिए नियमित अंतराल पर पानी पीते रहें। लक्षणों के गंभीर होने पर तुरंत नजदीकी डॉक्टर से संपर्क कर उचित इलाज लें।

Author: Asha Thakur

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