मिडिल ईस्ट में महायुद्ध छिड़ने का खतरा, अमेरिका ने बरसाए गोले तो ईरान ने दागीं घातक मिसाइलें, ट्रंप क्या बोले?

Middle East News: ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच हुआ कथित संघर्षविराम पूरी तरह धुआं-धुआं हो गया है। अमेरिकी फौजों ने ईरान के आसमान से भारी गोला-बारूद बरसाकर कहर बरपाया। इसके जवाब में भड़के तेहरान ने अमेरिकी युद्धपोतों और कुवैत पर ताबड़तोड़ मिसाइलें और घातक ड्रोन दागे हैं।

अमेरिकी सेंट्रल कमान ने हमलों को आत्मरक्षा बताया

मिडिल ईस्ट के इस ताजा तनाव को लेकर अमेरिकी सेंट्रल कमान (सेंटकॉम) ने बड़ा बयान जारी किया। सेंटकॉम के मुताबिक अमेरिकी सुरक्षा बलों ने ईरान की आक्रामक कार्रवाइयों का करारा जवाब दिया है। अमेरिकी सेना ने अंतरराष्ट्रीय जल सीमा में अपना ड्रोन गिराए जाने के बाद आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की है।

दूसरी तरफ सऊदी अरब ने कुवैत पर हुए इस ईरानी हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है। सोमवार सुबह कुवैत स्थित अमेरिकी मिलिट्री बेस पर हमले की जिम्मेदारी ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) ने ली। इसके बाद सऊदी अरब ने ईरान के इन दुर्भावनापूर्ण हमलों का विरोध किया।

सऊदी अरब और कुवैत ने जताई कड़ी आपत्ति

सऊदी विदेश मंत्रालय ने इस हमले को गैर-जिम्मेदाराना कदम बताया। उन्होंने कहा कि ईरान ने कुवैत की संप्रभुता के साथ अंतरराष्ट्रीय कानूनों और संयुक्त राष्ट्र चार्टर का जानबूझकर उल्लंघन किया है। इस हमले के बाद खाड़ी देशों में भारी सैन्य और राजनीतिक हलचल काफी बढ़ गई है।

ईरानी सेना का दावा है कि उसने दक्षिणी ईरान पर हमले के लिए इस्तेमाल होने वाले अमेरिकी एयरबेस को निशाना बनाया। इस बीच कुवैत ने कहा कि उसके एयर डिफेंस सिस्टम ने बड़ी तबाही टाल दी। कुवैत की एयरफोर्स ने दुश्मन की मिसाइलों और ड्रोनों का हवा में ही डटकर सामना किया।

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आलोचकों को दी हिदायत

कुवैत के विदेश मंत्रालय ने ईरान को आगे से तनाव न बढ़ाने की सख्त सलाह दी है। इस पूरे सैन्य विवाद पर सोमवार सुबह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर पोस्ट लिखी। उन्होंने अपने आलोचकों को इस गंभीर मुद्दे पर चुप रहने की सख्त हिदायत दी।

ट्रंप ने कहा कि इन नए हमलों को लेकर ज्यादा तनाव लेने की जरूरत नहीं है। अंत में सब कुछ बिल्कुल ठीक हो जाएगा। ईरान खुद वाशिंगटन से समझौता करना चाहता है, जो अमेरिका के लिए एक बेहतरीन बात होगी। फिलहाल इस सैन्य टकराव से वैश्विक तेल बाजार में भी हड़कंप मच गया है।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज और यूरेनियम विवाद से जुड़ा मामला

सीबीएस न्यूज़ की एक खोजी रिपोर्ट के मुताबिक यह ताजा तनाव स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पूरी तरह खाली करने की मांग से जुड़ा है। इसके अलावा अमेरिका ईरान से एनरिच्ड यूरेनियम हटाने का दबाव भी बना रहा है। हालांकि व्हाइट हाउस ने अभी तक इस विशेष खबर पर आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।

Author: Pallavi Sharma

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