Shimla News: हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के बीएड छात्रों ने अपने परीक्षा कार्यक्रम में बड़े बदलाव की पुरजोर मांग उठाई है। परीक्षा की तारीखें राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षा से टकरा रही हैं। छात्र संगठन एसएफआई ने विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक को इस संबंध में एक औपचारिक ज्ञापन सौंपा है।
बीएड परीक्षा और सीएसआईआर नेट परीक्षा एक ही तारीख को
विश्वविद्यालय की ओर से जारी आधिकारिक डेटशीट के अनुसार बीएड दूसरे सेमेस्टर की परीक्षा सत्रह जुलाई को होनी तय हुई है। वहीं बीएड चौथे सेमेस्टर का पेपर अठारह जुलाई को निर्धारित किया गया है। इसी दौरान राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी देशव्यापी पात्रता परीक्षा आयोजित कर रही है।
छात्रों के मुताबिक राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी सत्रह और अठारह जुलाई को ही सीएसआईआर नेट परीक्षा का आयोजन करने जा रही है। बीएड के अनेक मेधावी छात्र जूनियर रिसर्च फेलोशिप और असिस्टेंट प्रोफेसर पात्रता के लिए इस बड़ी राष्ट्रीय परीक्षा में बैठ रहे हैं, जिससे असमंजस पैदा हो गया है।
एक ही दिन दो परीक्षाएं होने से छात्र परेशान
दोनों महत्वपूर्ण परीक्षाएं एक ही समय होने से सैकड़ों छात्र-छात्राओं के सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया है। यदि विश्वविद्यालय प्रशासन ने समय रहते शेड्यूल में उचित बदलाव नहीं किया, तो अभ्यर्थियों को अपने करियर की किसी एक मुख्य परीक्षा से हाथ धोना पड़ सकता है।
छात्रों की सबसे बड़ी व्यावहारिक समस्या यह है कि कई आवेदकों के राष्ट्रीय परीक्षा केंद्र शिमला शहर से काफी बाहर बनाए गए हैं। इस वजह से एक ही दिन में दोनों अलग-अलग परीक्षा केंद्रों पर पहुंचना छात्रों के लिए तकनीकी रूप से बिल्कुल संभव नहीं होगा।
एसएफआई ने विश्वविद्यालय प्रबंधन से बीएड की आगामी परीक्षाओं को कुछ दिन आगे बढ़ाने का पुरजोर आग्रह किया है। संगठन ने मांग की है कि क्लैश हो रहे प्रश्नपत्रों को किसी अन्य नई तारीख पर शिफ्ट किया जाए, ताकि छात्र बिना किसी मानसिक तनाव के तैयारी कर सकें।

