Mumbai News: भारतीय सिनेमा को हमेशा से समाज का आईना माना गया है। कुछ फिल्में बॉक्स ऑफिस पर महज मनोरंजन तक ही सीमित रह जाती हैं, लेकिन कुछ फिल्में दर्शकों के दिलों में इस कदर घर कर जाती हैं कि वे लोगों की वास्तविक जिंदगी और सोच को पूरी तरह बदल देती हैं।
आज से करीब तेतालीस साल पहले सिनेमाघरों में एक ऐसी ही पारिवारिक फिल्म रिलीज हुई थी, जिसने देशभर के माता-पिता को इस कदर सहमा दिया था कि वे अपने ही बच्चों को अपने घर का मालिकाना हक सौंपने से बुरी तरह कतराने लगे थे।
इस भावुक फिल्म ने उस दौर में सिनेमाघरों के भीतर दर्शकों को सिसक-सिसककर रोने पर मजबूर कर दिया था। आज भी अगर टेलीविजन पर यह फिल्म आ जाए, तो इसे देखने वाले भावुक दर्शक अपने आंखों के आंसू चाहकर भी नहीं रोक पाते हैं।

सुपरस्टार राजेश खन्ना के डूबते करियर का सहारा
हम यहां बात कर रहे हैं हिंदी सिनेमा के पहले सुपरस्टार राजेश खन्ना की ऐतिहासिक और यादगार फिल्म ‘अवतार’ (Avtaar) की। जब राजेश खन्ना का फिल्मी करियर बेहद बुरे दौर से गुजर रहा था, तब साल 1983 में आई इस फिल्म ने उनकी डूबती नैया को पार लगाया था।
अमन और अनजाना जैसी बेहतरीन फिल्में बना चुके मशहूर डायरेक्टर मोहन कुमार ने ही इस कालजयी फिल्म का निर्माण और निर्देशन किया था। इस फिल्म में सुपरस्टार राजेश खन्ना ने एक बूढ़े और लाचार पिता का बेहद जीवंत किरदार रूपहले पर्दे पर निभाया था।
फिल्म में उनके साथ मुख्य अभिनेत्री के तौर पर शबाना आजमी नजर आई थीं। इसके अलावा ए.के. हंगल, सचिन पिलगांवकर, सुजीत कुमार और गुलशन ग्रोवर जैसे मंझे हुए कलाकारों ने भी इस पारिवारिक ड्रामा फिल्म में अपनी अदाकारी से जान फूंक दी थी।
दिल को झकझोर देने वाली थी ‘अवतार’ की कहानी
इस सुपरहिट फिल्म की कहानी अवतार किशन (राजेश खन्ना) और उनकी पत्नी राधा (शबाना आजमी) के इर्द-गिर्द घूमती है। फिल्म में उनके सगे बच्चे ही उन्हें अपने घर से बेदखल कर देते हैं और बुढ़ापे में उन्हें तड़पने के लिए उनके हाल पर छोड़ देते हैं।
बुढ़ापे के उस कठिन दौर में दर-दर भटकने के बाद अवतार किशन दिन-रात एक करके अपनी मेहनत से फिर से सफलता की ऊंचाइयों को छूता है। इस फिल्म में माता-पिता के साथ बच्चों के दुर्व्यवहार को देखकर उस वक्त थियेटर में मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गई थीं।
मशहूर वेबसाइट आईएमडीबी (IMDb) के एक दिलचस्प आंकड़े के मुताबिक, इस फिल्म को देखने के बाद भारत में कई बुजुर्ग कपल्स ने, जिन्होंने अपने घरों का मालिकाना हक अपने बच्चों के नाम कर दिया था, तुरंत अपने मकान के कागजात वापस अपने नाम करवा लिए थे।
बॉक्स ऑफिस पर फिल्म ने रचे थे कामयाबी के नए कीर्तिमान
बुजुर्ग माता-पिता के मन में यह गहरा डर बैठ गया था कि कहीं उनके सगे बच्चे भी भविष्य में उनके साथ वैसा ही बर्ताव न करें, जैसा फिल्म में दिखाया गया था। समाज पर इस फिल्म का यह प्रभाव बॉलीवुड इतिहास में अनोखा माना जाता है।
शुरुआत में राजेश खन्ना एक बूढ़े व्यक्ति का किरदार निभाने में काफी झिझक रहे थे, लेकिन इस फिल्म की बंपर सफलता ने उनके करियर को फिर से ट्रैक पर ला दिया। यह फिल्म न केवल समीक्षकों की कसौटी पर खरी उतरी, बल्कि बॉक्स ऑफिस पर भी ब्लॉकबस्टर साबित हुई।
Author: Manisha Thakur


