हथियार न लाने के दिए थे आदेश, मूकदर्शक बना रहा प्रशासन! जानें रितिका मर्डर केस के सभी बड़े अपडेट

Shimla News: हिमाचल प्रदेश के रोहड़ू स्थित कुलगांव में मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के दौरान एक भयानक वारदात हुई। समारोह में हुई हर्ष फायरिंग से छब्बीस वर्षीय रितिका की दर्दनाक मौत हो गई। इस हत्याकांड से इलाके में भारी आक्रोश है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। घटना में प्रशासन की गंभीर लापरवाही सामने आई है। इसे देखते हुए डीसी शिमला ने मामले की विस्तृत मजिस्ट्रियल जांच के सख्त आदेश जारी किए हैं।

देवता के समारोह में कैसे गई जान?

कुलगांव में देवता शालू महाराज का भव्य मंदिर पांच करोड़ रुपये की लागत से बना है। यहां तीन दिन से प्राण प्रतिष्ठा का आयोजन चल रहा था। देर रात हजारों श्रद्धालु पारंपरिक वाद्य यंत्रों की थाप पर पहाड़ी नाटी कर रहे थे। रितिका भी उसी भीड़ में खुशी से झूम रही थी। इसी बीच अचानक किसी ने हर्ष फायरिंग कर दी। बंदूक से निकली गोली सीधे रितिका को लगी और दो बच्चों की मां ने मौके पर दम तोड़ दिया।

रेत ढोने वाली गाड़ी में ले जाया गया शव

प्रशासन की संवेदनहीनता सिर्फ सुरक्षा तक सीमित नहीं रही। मौत के बाद भी रितिका के शव का खुलेआम अपमान किया गया। रोहड़ू अस्पताल से शव को पोस्टमार्टम के लिए शिमला भेजते समय उसे रेत ढोने वाली गाड़ी में डाल दिया गया। इस अमानवीय हरकत को देखकर स्थानीय लोग बुरी तरह भड़क गए और अस्पताल के बाहर जमकर हंगामा किया। इसके बाद एसडीएम मौके पर पहुंचे और काफी मशक्कत के बाद लोगों को शांत करवाकर एंबुलेंस की व्यवस्था की।

बिना लिखित आदेश के मूकदर्शक बना रहा प्रशासन

इस दर्दनाक घटना ने पुलिस और प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। ऊपरी शिमला में धार्मिक आयोजनों में हथियारों का प्रदर्शन आम बात है। प्रशासन ने बैठक में केवल मौखिक रूप से हथियार न लाने के निर्देश दिए थे। कोई लिखित आदेश जारी नहीं हुआ और न ही मौके पर पुलिस की कोई जांच व्यवस्था थी। प्रशासन पूरी तरह मूकदर्शक बना रहा, जिसकी भारी कीमत एक निर्दोष महिला को अपनी कीमती जान देकर चुकानी पड़ी।

हत्या के आरोप में दो लोग पुलिस हिरासत में

शिमला पुलिस ने इस सनसनीखेज हत्याकांड में त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। अधिकारियों के अनुसार हत्या में इस्तेमाल किया गया हथियार भी पुलिस ने जब्त कर लिया है। डीसी शिमला ने अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी पंकज शर्मा को इस मामले की गहन जांच के सख्त आदेश दिए हैं। उन्हें सात दिनों के भीतर अपनी विस्तृत रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है ताकि सभी दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

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