Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में साइबर अपराधियों ने बैंकिंग व्यवस्था को बड़ी चुनौती दी है। शातिर ठगों ने पंजाब नेशनल बैंक के एक डिप्टी मैनेजर को अपना निशाना बनाया। ठगों ने उनके निजी खाते से 10 लाख रुपए की बड़ी रकम उड़ा ली। अब सीबीआई ने केस दर्ज कर जांच संभाली है।
लॉगिन डिटेल्स चुराकर ओटीपी सिस्टम में लगाई सेंध
यह सनसनीखेज मामला पीएनबी की राजनगर शाखा में तैनात डिप्टी मैनेजर देव राज शर्मा के साथ घटा है। अज्ञात अपराधियों ने उनके बैंकिंग क्रेडेंशियल यानी सीक्रेट लॉगिन डिटेल्स धोखे से हासिल कर लिए। इसके बाद शातिरों ने बैंक के सुरक्षित ओटीपी प्रमाणीकरण प्रणाली को तोड़कर पांच-पांच लाख के दो बड़े ऑनलाइन ट्रांजैक्शन कर दिए।
साइबर अपराधियों ने ठगी की इस रकम को दो अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर किया था। इसमें से एक खाता एक्सिस बैंक और दूसरा पीएनबी का पाया गया। शिकायत मिलते ही पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए संबंधित पीएनबी खाते को फ्रीज करवाया। इस खाते से करीब दो लाख सत्तर हजार रुपए सुरक्षित बचा लिए गए।
स्थानीय पुलिस के बाद सीबीआई को सौंपी कमान
डिप्टी मैनेजर ने सबसे पहले इस डिजिटल धोखाधड़ी की शिकायत स्थानीय चढियार पुलिस चौकी में दर्ज करवाई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे पालमपुर साइबर सेल को भेजा गया। अब इस हाई-टेक अपराध के पीछे किसी गहरी आपराधिक साजिश की आशंका के कारण इसकी कमान सीबीआई को सौंप दी गई है।
सीबीआई की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा शिमला ने अज्ञात हैकर्स के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। जांच एजेंसी ने इंस्पेक्टर रविंदर कुमार को इस जटिल केस का जिम्मा सौंपा है। अब केंद्रीय टीम ठगों के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए डिजिटल ट्रेल और संदिग्ध मोबाइल नंबरों की गहन तकनीकी जांच कर रही है।
Author: Raj Thakur


