Haryana News: हरियाणा के पंचकूला में पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है। क्राइम ब्रांच ने तेईस साल के बीसीए ग्रेजुएट तस्कर को गिरफ्तार किया है। इस तस्कर के पास से लगभग चार किलो हेरोइन और पंद्रह लाख रुपये कैश बरामद हुआ है। पकड़ी गई हेरोइन की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में छह करोड़ रुपये से अधिक है। पुलिस की इस बड़ी कार्रवाई से ट्राईसिटी में नशा सप्लाई करने वाले एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है।
पाकिस्तान बॉर्डर से आती थी ड्रग्स की खेप
पुलिस पूछताछ में एक बहुत चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है। आरोपी तस्कर लवजोत सिंह सीधे पाकिस्तान बॉर्डर से ड्रग्स की खेप मंगवाता था। वह मुख्य रूप से पंजाब के फाजिल्का जिले का निवासी है। वर्तमान में यह तस्कर चंडीगढ़ में एक किराये के मकान में रहता था। वह यहीं से ट्राईसिटी इलाके में ड्रग्स का खतरनाक कारोबार चला रहा था। इस तस्कर ने अगले सात दिनों में पूरी हेरोइन को अलग-अलग इलाकों में बेचने की बड़ी योजना बनाई थी।
कैसे पुलिस के हत्थे चढ़ा मुख्य सप्लायर?
पुलिस उपायुक्त अमरिंदर सिंह ने इस गिरफ्तारी की अहम जानकारी मीडिया से साझा की। क्राइम ब्रांच की टीम ने गुप्त सूचना पर सेक्टर बीस के पास से तस्कर को दबोचा। इससे पहले पुलिस ने तीन अप्रैल को साहिल नाम के युवक को हेरोइन के साथ पकड़ा था। साहिल से कड़ी पूछताछ के बाद पुलिस सतनाम सिंह तक पहुंची। सतनाम ने ही लवजोत सिंह का नाम मुख्य सप्लायर के तौर पर पुलिस अधिकारियों को बताया था।
पंचकूला पुलिस की अब तक की सबसे बड़ी रिकवरी
पंचकूला के पुलिस कमिश्नर सिबास कविराज ने इस सख्त कार्रवाई को एक बड़ी कामयाबी बताया है। उन्होंने कहा कि यह सीमा पार से चल रहे ड्रग्स नेटवर्क पर बहुत बड़ी चोट है। यह पंचकूला पुलिस के इतिहास में अब तक की सबसे बड़ी हेरोइन रिकवरी मानी जा रही है। हरियाणा में भी यह दूसरी सबसे बड़ी हेरोइन जब्ती है। पुलिस अब इस पूरे मामले के बाकी फरार आरोपियों को पकड़ने के लिए लगातार अलग-अलग जगहों पर छापेमारी कर रही है।
किराए के कमरे से भी मिला ड्रग्स का पैसा
तस्कर लवजोत सिंह को पकड़ने के बाद पुलिस ने उसके चंडीगढ़ स्थित किराये के कमरे की तलाशी ली। इस तलाशी अभियान के दौरान पुलिस टीम को एक लाख रुपये का अतिरिक्त कैश बरामद हुआ। यह पैसा ड्रग्स की तस्करी से ही कमाया गया था। सेक्टर बीस थाने में आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क और फाइनेंसरों की जड़ों तक पहुंचने के लिए गहराई से जांच कर रही है।


