सड़क पर दाईं ओर गाड़ी चलाना पड़ा भारी! हाई कोर्ट ने सुनाया खौफनाक फैसला, ड्राइवर को जेल

Himachal News: हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने सड़क दुर्घटनाओं पर एक बहुत अहम और कड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि सड़क पर दाईं ओर वाहन चलाना एक बहुत बड़ी और जानलेवा लापरवाही है। तेज गति और लापरवाही से गाड़ी चलाने वाले चालकों को अब किसी भी तरह की कोई राहत नहीं मिलेगी। कोर्ट ने ऐसे दोषियों को कड़ी सजा देने का सख्त आदेश जारी किया है। इस ऐतिहासिक फैसले से सड़क सुरक्षा के नियमों को और अधिक मजबूती मिलेगी।

बस ड्राइवर की दो साल की सजा बरकरार

न्यायाधीश राकेश कैंथला ने एक बस चालक की दो साल की सजा को बिल्कुल सही ठहराया है। अदालत ने साफ कहा कि इस दर्दनाक सड़क हादसे में दो बेकसूर लोगों की जान चली गई। इसलिए दोषी को परिवीक्षा अधिनियम का कोई भी लाभ नहीं दिया जा सकता। निचली अदालत ने पहले ही दोषी ड्राइवर दलेल सिंह को दो साल के साधारण कारावास की सजा सुनाई थी। इसके साथ उस पर पचास हजार रुपये का जुर्माना लगा था।

सड़क के बाईं ओर वाहन चलाना बेहद जरूरी

हाई कोर्ट ने यातायात नियमों का कड़ाई से हवाला दिया है। अदालत ने कहा कि हर चालक को अपना वाहन हमेशा सड़क के बाईं तरफ ही चलाना चाहिए। यह नियम सभी की सुरक्षा के लिए बहुत ज्यादा जरूरी है। विपरीत दिशा से आ रहे सभी वाहनों को अपनी दाहिनी ओर से सुरक्षित गुजरने का पूरा रास्ता देना चाहिए। अदालत ने माना कि नियमों की अनदेखी करने से ही अक्सर बड़े हादसे होते हैं। यह बड़ी जिम्मेदारी है।

बस की टक्कर से दो युवकों की गई थी जान

यह भयंकर सड़क दुर्घटना पंद्रह मार्च दो हजार सात को हुई थी। शिकायतकर्ता हुसैन लाल ने पुलिस को पूरी घटना की जानकारी दी थी। उस दिन दोपहर के समय सुरिंद्र कुमार और रोहित अपनी बाइक पर सवार होकर भटोली चौक की तरफ जा रहे थे। तभी ऊना की तरफ से एक तेज रफ्तार बस आई। बेकाबू बस ने पहले एक साइकिल सवार को जोरदार टक्कर मारी। इसके बाद बस ने मुड़कर बाइक को अपनी भयंकर चपेट में लिया।

ड्राइवर की लापरवाही ने छीन ली दो जिंदगियां

इस दर्दनाक बस दुर्घटना में सुरिंद्र कुमार और रोहित की मौके पर ही दुखद मौत हो गई। जांच में यह बात बिल्कुल साफ हो गई कि दुर्घटना के समय बस की रफ्तार बहुत ज्यादा थी। दोषी ड्राइवर ने बस चलाने में बहुत बड़ी लापरवाही बरती थी। इसी भयंकर गलती के कारण दो बेकसूर युवाओं को अपनी कीमती जान गंवानी पड़ी। अदालत ने सबूतों और गवाहों के आधार पर माना कि यह ड्राइवर की गंभीर लापरवाही थी।

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