हिमाचल में बड़ा एक्शन, सोशल मीडिया पर नफरत फैलाने के आरोप में नामी बिजनेसमैन युद्धवीर सिंह बैन्स अरेस्ट

Himachal Pradesh News: शिमला पुलिस ने सोशल मीडिया पर कथित तौर पर सांप्रदायिक नफरत फैलाने के आरोप में बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने मंडी जिले के रहने वाले 54 साल के कारोबारी युद्धवीर सिंह बैन्स को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर सार्वजनिक व्यवस्था बिगाड़ने वाले वीडियो और कंटेंट शेयर करने का गंभीर आरोप लगा है।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक यह पूरी कार्रवाई शुक्रवार को बोइलौगंज पुलिस स्टेशन में दर्ज एक शिकायत के आधार पर की गई है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि युद्धवीर सिंह बैन्स ने अपने फेसबुक अकाउंट पर एक विवादित वीडियो पोस्ट किया था। इस वीडियो की वजह से विभिन्न धार्मिक समुदायों के बीच तनाव बढ़ने की आशंका थी।

फेसबुक वीडियो से फैलाया जा रहा था सांप्रदायिक तनाव

विवादित वीडियो में एक विशेष समुदाय को निशाना बनाते हुए बेहद आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया था। पुलिस को डर था कि इस वीडियो के ज्यादा वायरल होने से राज्य में कानून-व्यवस्था बिगड़ सकती है। इसी वजह से पुलिस ने तुरंत एक्शन लेते हुए आरोपी कारोबारी को सलाखों के पीछे भेज दिया है।

हिमाचल प्रदेश पुलिस के आधिकारिक प्रवक्ता ने बताया कि शुरुआती जांच और डिजिटल फॉरेंसिक एनालिसिस में कई सबूत मिले हैं। आरोपी लगातार अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स पर इस तरह की आपत्तिजनक सामग्री शेयर कर रहा था। जांच टीम ने सभी डिजिटल साक्ष्यों को अपने कब्जे में लेकर जांच को आगे बढ़ाया है।

भारतीय न्याय संहिता के तहत दर्ज हुआ गंभीर मामला

पुलिस ने इस पूरे मामले में सख्त रुख अपनाते हुए शिमला के पश्चिम पुलिस स्टेशन में केस दर्ज किया है। आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 196, 299 और 353(2) के तहत मामला बनाया गया है। पुलिस प्रशासन अब इस मामले की गहराई से जांच करने में जुटा है।

गिरफ्तारी की कार्रवाई के दौरान शिमला में काफी देर तक हाई वोल्टेज ड्रामा और हंगामा भी देखने को मिला। आरोपी बैन्स ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उसने प्रवर्तन निदेशालय में मुख्यमंत्री के खिलाफ शिकायत की थी। इसी वजह से राजनीतिक बदले की भावना से उसे निशाना बनाया जा रहा है।

आरोपी पर पहले से दर्ज हैं कई क्रिमिनल केस

पुलिस ने इन सभी राजनीतिक आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। पुलिस का कहना है कि कार्रवाई पूरी तरह तथ्यों और सबूतों के आधार पर की गई है। आरोपी को पहले जांच में शामिल होने का नोटिस दिया गया था, लेकिन उसने पुलिस के साथ बिल्कुल सहयोग नहीं किया था।

जांच प्रक्रिया में बाधा डालने की वजह से पुलिस ने एफआईआर में बीएनएस की धारा 221 भी जोड़ दी है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक युद्धवीर सिंह बैन्स का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है। वह पहले कांगड़ा सेंट्रल कोऑपरेटिव बैंक के करीब 20 करोड़ रुपये के बड़े लोन घोटाले का मुख्य आरोपी भी रह चुका है।

इसके अलावा आरोपी के खिलाफ साल 2025 में ऊना पुलिस स्टेशन में धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार का केस दर्ज हुआ था। शिमला के पूर्वी पुलिस स्टेशन में भी उसके खिलाफ आपराधिक धमकी की धाराओं में केस चल रहा है। फिलहाल पुलिस आरोपी को कोर्ट में पेश करने की तैयारी कर रही है।

Author: Sunita Gupta

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