हिमाचल ड्रग्स केस: बैंक मैनेजर निकला चिट्टा तस्करी का मास्टरमाइंड, जुब्बल पुलिस का बड़ा खुलासा

Himachal News: शिमला जिले के जुब्बल थाना क्षेत्र में नशा तस्करी के खिलाफ चल रहे अभियान में पुलिस को एक बड़ी कामयाबी मिली है। जांच के दौरान कानून प्रवर्तन एजेंसी ने एक संगठित अंतरराज्यीय ड्रग नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के एक अधिकारी को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी बैकवर्ड लिंकेज जांच के आधार पर की गई है, जिससे राज्य में मादक पदार्थों की सप्लाई चेन का एक महत्वपूर्ण सिरा पुलिस के हाथ लगा है।

बैंक अधिकारी की नशा तस्करी में संलिप्तता का खुलासा

पुलिस ने आरोपी की पहचान 33 वर्षीय तरुण ठाकुर के रूप में की है, जो सिरमौर जिले की राजगढ़ तहसील के चोगटाली गांव का रहने वाला है। तरुण ठाकुर रोहड़ू स्थित एसबीआई की शाखा में लोन मैनेजर और फील्ड ऑफिसर जैसे जिम्मेदार पद पर तैनात था। जांच में पाया गया कि वह न केवल नशे की खरीद-फरोख्त में शामिल था, बल्कि पंजाब के बड़े तस्करों के साथ सीधे संपर्क में भी था। यह गिरफ्तारी एनडीपीएस एक्ट की धारा 29 के तहत की गई है।

पंजाब के मुख्य सप्लायर से जुड़े थे तार

पुलिस की गहन पूछताछ और डिजिटल फोरेंसिक जांच में यह बात सामने आई है कि तरुण ठाकुर का सीधा संबंध अमृतसर के मुख्य सप्लायर लुकास उर्फ लकी से था। बैंक मैनेजर और इस कुख्यात तस्कर के बीच कई बार ऑनलाइन वित्तीय लेनदेन हुए हैं, जो अवैध नेटवर्क की पुष्टि करते हैं। पुलिस का मानना है कि आरोपी अपनी बैंकिंग विशेषज्ञता का उपयोग वित्तीय लेनदेन को छिपाने या नेटवर्क को सुरक्षित तरीके से संचालित करने के लिए कर रहा था।

फरवरी से शुरू हुई थी पुलिस की यह बड़ी कार्रवाई

इस पूरे मामले की शुरुआत 9 फरवरी 2026 को हुई थी, जब जुब्बल पुलिस ने एक स्थानीय महिला को 13.46 ग्राम चिट्टा (हेरोइन) के साथ पकड़ा था। महिला से मिली जानकारी के बाद पुलिस ने कड़ियां जोड़ना शुरू किया और 17 मार्च को अमृतसर से मुख्य सप्लायर लुकास को दबोच लिया। इसके बाद फॉरवर्ड लिंकेज के आधार पर 6 अप्रैल को तीन अन्य आरोपियों आशीष, मनोज ठाकुर और खुशी राम को भी हिरासत में लिया गया था।

अंतरराज्यीय नशा नेटवर्क को पुलिस ने किया ध्वस्त

एसएसपी शिमला के अनुसार, अब तक इस पूरे गिरोह के 6 सदस्यों को सलाखों के पीछे भेजा जा चुका है। यह एक संगठित अंतरराज्यीय नेटवर्क था जो पंजाब से नशे की खेप हिमाचल लाता था और यहाँ स्थानीय युवाओं को वितरित करता था। ऑनलाइन लेनदेन के स्पष्ट सबूत मिलने के बाद पुलिस अब इस नेटवर्क के अन्य वित्तीय स्रोतों की जांच कर रही है। पुलिस टीम की इस सफलता ने नशा माफिया की रीढ़ तोड़ने का काम किया है।

नशे के खिलाफ पुलिस का कड़ा संदेश और चेतावनी

एक सरकारी बैंक में जिम्मेदार पद पर बैठे व्यक्ति की गिरफ्तारी ने समाज और प्रशासन दोनों को चौंका दिया है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नशे के खिलाफ अभियान में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह किसी भी पद पर क्यों न हो। एसएसपी ने युवाओं और अभिभावकों से सतर्क रहने की अपील की है। आरोपी तरुण ठाकुर को न्यायालय में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया जा रहा है ताकि आगे की पूछताछ की जा सके।

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