International News: वैश्विक फल बाजार से भारत के लिए एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आई है. भारत के प्रीमियम आमों के मुरीद रहे जापान ने उनके आयात पर पूरी तरह रोक लगा दी है. इस बड़े फैसले के बाद जापान ने अब पड़ोसी देश बांग्लादेश का रुख किया है.
जापान ने भारतीय आमों की गुणवत्ता और ट्रीटमेंट सुविधाओं में गंभीर कमियां पाई थीं. इसके बाद उसने यह कड़ा रुख अपनाया है. इस कूटनीतिक और व्यापारिक बदलाव से बांग्लादेश के आम उत्पादकों के चेहरे खिल गए हैं. अब उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक बहुत बड़ा खरीदार मिल गया है.
भारतीय ट्रीटमेंट सेंटर्स की जांच में सामने आई भारी लापरवाही
पूरी दुनिया में आम उत्पादन के मामले में भारत आज भी पहले स्थान पर काबिज है. यहां के अल्फोंसो और केसर जैसे प्रीमियम आमों की विदेशों में भारी मांग रहती है. जापान सालों से भारतीय बागवानों का एक बेहद वफादार और सबसे बड़ा खरीदार देश रहा है.
विवाद की शुरुआत मार्च महीने में हुई थी. तब जापान के प्लांट क्वारंटाइन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने भारत के प्रमुख ट्रीटमेंट सेंटर्स का औचक निरीक्षण किया था. इस विशेष जांच के दौरान सेंटर्स में फ्यूमिगेशन और कीड़े-मकोड़ों को रोकने की वैज्ञानिक व्यवस्था में भारी खामियां मिली थीं.
मलेशियाई डेलिगेशन भी पहुंचेगा ढाका, आमों पर होगी बड़ी चर्चा
ट्रीटमेंट सुविधाओं में लापरवाही के कारण जापान ने भारतीय आमों के इंपोर्ट को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया. इसके तुरंत बाद जापानी अफसरों ने बांग्लादेशी प्रशासन से व्यापारिक बातचीत बढ़ा दी. केवल जापान ही नहीं, बल्कि मलेशिया भी अब बांग्लादेशी आमों को खरीदने के लिए कतार में है.
ताजा मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार जून के पहले सप्ताह में एक उच्च स्तरीय मलेशियाई प्रतिनिधिमंडल ढाका पहुंचने वाला है. इस दौरे में दोनों देशों के बीच फल व्यापार को लेकर विस्तृत चर्चा होगी. मलेशियाई टीम वहां आमों की पैकेजिंग, एक्सपोर्ट चेन और क्वालिटी मानकों का बारीकी से रिव्यू करेगी.
जापानी अफसरों ने ढाका के सामने रखीं कड़े क्वालिटी चेक की शर्तें
अगर यह द्विपक्षीय बातचीत सफल रहती है तो मलेशिया भी बांग्लादेशी फलों का एक बहुत बड़ा वैश्विक हब बन जाएगा. हालांकि टोक्यो प्रशासन ढाका से आम खरीदने से पहले सुरक्षा को लेकर कोई ढील नहीं दे रहा है. जापान ने आयात शुरू करने के लिए कई कड़ी शर्तें रखी हैं.
जापानी एक्सपर्ट्स बांग्लादेशी आमों की प्रीमियम किस्मों, बागों की मिट्टी और कड़े क्वालिटी चेक के बाद ही आगे बढ़ेंगे. वे कीटनाशकों के अंधाधुंध इस्तेमाल और हार्वेस्टिंग के तरीकों से पूरी तरह संतुष्ट होना चाहते हैं. इन मानकों पर पास होने के बाद ही शिपमेंट को हरी झंडी मिलेगी.
ग्लोबल फ्रूट मार्केट में लगातार मजबूत हो रही है बांग्लादेश की स्थिति
वैसे बांग्लादेश भी दुनिया के शीर्ष आम उत्पादक देशों की सूची में अपनी मजबूत धाक रखता है. वहां के बागों में कई ऐसी प्रीमियम किस्में पैदा होती हैं जिनकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारी डिमांड है. इनमें मुख्य रूप से गोपालभोग, हिमसागर, लंगड़ा और अम्रपाली किस्में शामिल हैं.
इसके अलावा वहां के फजली और हरिभंगा आम को भी विदेशी लोग बेहद चाव से खाते हैं. भारत के हाथ से निकले इस सुनहरे मौके ने बांग्लादेश के लिए वैश्विक व्यापार के नए दरवाजे खोल दिए हैं. अब देखना होगा कि भारत अपने ट्रीटमेंट सेंटर्स को कब तक सुधार पाता है.
Author: Pallavi Sharma


