Uttar Pradesh News: गाजियाबाद के चर्चित ‘सूर्या हत्याकांड’ में मुख्य आरोपी असद के एनकाउंटर के बाद अब उसके परिवार पर बड़ा प्रशासनिक संकट मंडरा रहा है। स्थानीय प्रशासन ने आरोपी के मकान पर सरकारी बुलडोजर चलाने का नोटिस चस्पा कर दिया है। इसके बाद से पूरा परिवार बेघर होने के डर से गहरे खौफ में जी रहा है।
मुठभेड़ में मारे गए आरोपी के परिजनों ने लगाई न्याय की गुहार
असद के लाचार परिजनों ने अब स्थानीय पुलिस और उत्तर प्रदेश सरकार से हाथ जोड़कर भावुक गुहार लगाई है। उन्होंने कहा कि असद के जघन्य अपराधों की सजा उसके पूरे बेकसूर परिवार को न दी जाए। परिजनों ने मुख्यमंत्री से उनके एकमात्र आशियाने को जमींदोज न करने की अपील की है।
परिजनों का कहना है कि असद ने जो संगीन अपराध किया था, उसकी अंतिम सजा उसे पुलिस मुठभेड़ में मिल चुकी है। लेकिन जब से उनके मुख्य द्वार पर प्रशासनिक नोटिस चस्पा हुआ है, तब से घर की मासूम महिलाएं और छोटे बच्चे गहरे मानसिक तनाव और भयानक डर में डूबे हैं।
आरोपी के चाचा आबिद ने मीडिया और प्रशासनिक अधिकारियों के सामने रोते हुए अपनी व्यथा सुनाई। उन्होंने कहा, “असद ने जो गलत काम किया था, उसका अंत अब हो चुका है। लेकिन उसके इस खौफनाक अपराध में घर के बाकी सीधे सदस्यों और मासूम बच्चों का कोई दोष नहीं है।”
चाचा आबिद ने बिलखते हुए आगे कहा कि सरकार उन्हें इस तरह सड़क पर बेघर न करे। उनके पास रहने के लिए इस मकान के अलावा पूरी दुनिया में कोई दूसरा ठिकाना नहीं है। हालांकि इस भावुक अपील के बीच जिला प्रशासन नियमों के तहत अपनी सख्त कार्रवाई को आगे बढ़ा रहा है।
नवनीत विहार में लाउडस्पीकर से मुनादी और बेदखली का अल्टीमेटम
इससे पहले गाजियाबाद के खोड़ा थाना क्षेत्र स्थित नवनीत विहार में स्थानीय प्रशासन ने भारी पुलिस बल के साथ इस कार्रवाई को अंजाम दिया। मुख्य आरोपी असद के घर के बाहर उप जिलाधिकारी न्यायालय द्वारा जारी किया गया कारण बताओ और बेदखली का कड़ा नोटिस चस्पा कराया गया।
इस प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान नियमों के तहत इलाके में बकायदा ढोल बजवाकर और लाउडस्पीकर से मुनादी कराई गई। अधिकारियों ने पूरे मोहल्ले को इस बड़ी कार्रवाई की लाउडस्पीकर से सूचना दी। मौके पर खुद क्षेत्रीय तहसीलदार और भारी संख्या में सशस्त्र पुलिसकर्मी मुस्तैद रहे।
सरकारी नोटिस में साफ तौर पर आदेश दिया गया है कि जिस सरकारी भूमि पर यह अवैध मकान बना है, वह पूरी तरह से अवैध कब्जा है। राजस्व विभाग की जांच में यह जमीन सरकारी पाई गई है। आरोपी पक्ष को 15 दिनों के भीतर अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का अंतिम समय दिया गया है।
अल्टीमेटम खत्म होते ही चलेगा सरकारी बुलडोजर, खर्चा भी वसूलेगी सरकार
उप जिलाधिकारी कार्यालय द्वारा चस्पा किए गए नोटिस में बेहद सख्त कानूनी चेतावनी दी गई है। यदि 15 दिनों की दी गई समय-सीमा के भीतर आरोपी के परिजनों ने खुद अवैध निर्माण नहीं हटाया, तो प्रशासन अपने स्तर पर बुलडोजर चलाकर पूरे ढांचे को ध्वस्त कर देगा।
इसके साथ ही सरकार इस पूरी ध्वस्तीकरण कार्रवाई में आने वाले भारी खर्च और मलबे को हटाने की लागत भी आरोपी के परिवार से ही पूरी तरह वसूलेगी। इस बड़े नोटिस के लगने के बाद से ही पूरे नवनीत विहार इलाके में भारी तनाव और गहरा सन्नाटा पसरा हुआ है।
Author: Raj Thakur


