Punjab News: शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने पंजाब सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन के अधिकारी गगनदीप सिंह रंधावा की मौत के मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की है। मजीठिया चाहते हैं कि रंधावा का पोस्टमार्टम पीजीआईएमईआर या एम्स के डॉक्टरों की एक विशेष टीम करे। उन्होंने पूर्व परिवहन मंत्री लालजीत भुल्लर के पिता और निजी सहायक की तुरंत गिरफ्तारी की भी मांग उठाई है।
मजीठिया ने मीडिया से बातचीत में सभी विपक्षी नेताओं और किसान संगठनों का विशेष धन्यवाद किया। उन्होंने वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन यूनियन को भी मंत्री लालजीत भुल्लर की गिरफ्तारी में अहम भूमिका निभाने के लिए सराहा। उनका कहना है कि इन सभी के एकजुट प्रयासों के कारण ही अंततः मंत्री भुल्लर की गिरफ्तारी संभव हो सकी है।
अकाली नेता ने रंधावा परिवार के हौसले की भी जमकर तारीफ की। रंधावा परिवार ने आम आदमी पार्टी सरकार के भारी दबाव के बावजूद न्याय के लिए अपनी लड़ाई जारी रखी। यह मामला सिर्फ रंधावा को निर्वस्त्र करके पीटने और आत्महत्या के लिए मजबूर करने तक सीमित नहीं है। मजीठिया ने इसमें लालजीत भुल्लर और आप नेताओं के व्यापक भ्रष्टाचार का भी आरोप लगाया है।
बड़े अधिकारियों की भूमिका पर भी उठे गंभीर सवाल
मजीठिया ने प्रशासन के बड़े अधिकारियों को भी कटघरे में खड़ा किया है। उन्होंने कहा कि अमृतसर के उपायुक्त दलविंदरजीत सिंह और वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन के प्रबंध निदेशक गौतम जैन की गहन जांच होनी चाहिए। मुख्य सचिव केएपी सिन्हा ने भी अधिकारियों की बार-बार की गई अपीलों को पूरी तरह से नजरअंदाज कर दिया।
मंत्री भुल्लर की गिरफ्तारी पर मुख्यमंत्री भगवंत मान की टिप्पणी को भी मजीठिया ने निशाने पर लिया। मुख्यमंत्री ने कहा था कि वह ‘नकदी या फरमाइश’ में बिल्कुल विश्वास नहीं करते हैं। मजीठिया ने मुख्यमंत्री के इस बयान को बेहद घटिया और बेशर्म करार दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार इक्कीस मार्च से ही लगातार लालजीत भुल्लर को बचा रही थी।
इस मामले में पुलिस ने पहले तो चौबीस घंटे तक एफआईआर ही दर्ज नहीं की थी। इसके बाद भी सरकार ने ना तो मंत्री को गिरफ्तार किया और ना ही उनका इस्तीफा राज्यपाल को भेजा। जब सरकार पर विपक्ष और रंधावा परिवार का भारी दबाव बना, तब जाकर आज मजबूरन मंत्री की गिरफ्तारी हुई।
सीबीआई जांच के आदेश से डरी आम आदमी पार्टी सरकार?
मजीठिया ने दावा किया कि केंद्रीय गृह मंत्री ने इस मामले में सीबीआई जांच के साफ संकेत दिए थे। इसी डर और चौतरफा दबाव के कारण आम आदमी पार्टी की सरकार को यह कदम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ा। उन्होंने कहा कि अगर मुख्यमंत्री पूरे राज्य को अपना परिवार मानते हैं, तो उन्हें सच्चाई से डरना नहीं चाहिए।
मजीठिया ने मुख्यमंत्री भगवंत मान को एक सीधी चुनौती दी है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को बिना किसी हिचकिचाहट के इस पूरे मामले की सीबीआई जांच के लिए तुरंत सहमत होना चाहिए। पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए इस मामले की एक पारदर्शी और निष्पक्ष जांच का होना सबसे ज्यादा जरूरी है।


