Lucknow News: उत्तर प्रदेश सरकार ने राजकीय और निजी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITI) में शैक्षणिक सत्र 2026-27 से दाखिले के लिए पूरी व्यवस्था बदल दी है। अब पूरे राज्य में आईटीआई की प्रवेश प्रक्रिया पांच अलग-अलग चरणों में आयोजित की जाएगी। छात्र ऑनलाइन आवेदन के दौरान सरकारी, प्राइवेट या दोनों का विकल्प चुन सकेंगे।
प्रमुख सचिव हरिओम की ओर से जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, साल 2022 और 2024 के पुराने शासनादेशों को पूरी तरह निरस्त कर दिया गया है। नई व्यवस्था के तहत, पांचों चरणों की काउंसिलिंग प्रक्रिया खत्म होने के बाद भी यदि सीटें खाली बचती हैं, तो सीधे ‘वॉक-इन’ नीति के जरिए एडमिशन दिए जाएंगे।
सरकार ने नए सत्र के लिए आवेदन शुल्क भी तय कर दिया है। सामान्य और ओबीसी (OBC) वर्ग के छात्रों को 300 रुपये, एससी-एसटी (SC-ST) वर्ग के लिए 250 रुपये फीस निर्धारित की गई है। वहीं, सभी वर्गों की महिला अभ्यर्थियों के लिए आवेदन शुल्क को घटाकर मात्र 100 रुपये कर दिया गया है।
जिला कोटे की व्यवस्था और फ्रीज-फ्लोट का मिलेगा विकल्प
नए नियमों के तहत सरकारी आईटीआई और पीपीपी मॉडल के संस्थानों में 75 फीसदी सीटें उसी जिले के स्थानीय निवासियों के लिए आरक्षित होंगी। बाकी 25 प्रतिशत सीटें दूसरे जिलों के छात्रों को मिलेंगी। दाखिले के लिए कक्षा 8वीं और कक्षा 10वीं के अंकों के आधार पर अलग-अलग मेरिट लिस्ट बनाई जाएगी।
प्रवेश प्रक्रिया के पहले चार चरण राज्य स्तरीय मेरिट पर और आखिरी पांचवां चरण जिला स्तरीय मेरिट के आधार पर होगा। सीट आवंटित होने के बाद छात्रों को ‘फ्रीज’ या ‘फ्लोट’ का विकल्प चुनना होगा। फ्लोट का विकल्प चुनने वाले छात्रों को अगले चरण में अपनी पसंद का बेहतर ट्रेड या कॉलेज अपग्रेड करने का मौका मिलेगा।
इसके अलावा नई नीति में खिलाड़ियों और कर्मचारियों के बच्चों को विशेष वेटेज देने का प्रावधान किया गया है। विभाग में कार्यरत कर्मचारियों के आश्रितों को मेरिट में 10 अतिरिक्त अंकों का लाभ मिलेगा। वहीं, राज्य स्तर के मान्यता प्राप्त खिलाड़ियों को प्रवेश में तीन अंकों की विशेष वरीयता दी जाएगी।
Author: Ajay Mishra


