Rajasthan News: नीट यूजी 2026 परीक्षा के नतीजों से पहले पेपर लीक के दावों ने देश भर के लाखों छात्रों की चिंता बढ़ा दी है। राजस्थान पुलिस के विशेष अभियान समूह (SOG) ने इस मामले में कथित अनियमितताओं की गहन जांच शुरू कर दी है। जांच एजेंसियों को परीक्षा से पहले प्रसारित हुए प्रश्नों और वास्तविक प्रश्नपत्र के बीच हैरान करने वाली समानताएं मिली हैं। इस खुलासे के बाद अब परीक्षा की शुचिता पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।
एडिशनल डीजीपी (SOG) विशाल बंसल ने मामले की गंभीरता पर अहम जानकारी साझा की है। उन्होंने बताया कि जांचकर्ताओं को परीक्षा से कुछ दिन पहले वायरल हुए 400 प्रश्नों का एक संदिग्ध सेट मिला है। विशेषज्ञों के विश्लेषण में सामने आया कि इनमें से 100 से अधिक प्रश्न नीट के मूल प्रश्नपत्र से मेल खाते हैं। इनमें विशेष रूप से जीव विज्ञान और रसायन विज्ञान के प्रश्न शामिल हैं। यह समानता किसी बड़े संयोग से कहीं ज्यादा नजर आती है।
हालांकि विशाल बंसल ने इस सेट को फिलहाल एक “अनुमानित प्रश्नपत्र” या टेस्ट सीरीज करार दिया है। लेकिन आधिकारिक सूत्रों का मानना है कि इसके पीछे किसी संगठित गिरोह की गहरी सांठगांठ हो सकती है। राजस्थान के कई प्रमुख शहरों और उत्तराखंड के देहरादून में भी पुलिस ने छापेमारी की है। कई संदिग्धों से पूछताछ के आधार पर कड़ियां जोड़ी जा रही हैं। पुलिस अब उस स्रोत की तलाश कर रही है जहां से ये प्रश्न सबसे पहले बाहर आए।
महाराष्ट्र के कोचिंग सेंटर से भी जुड़े संदिग्ध तार
पेपर लीक की यह आंच केवल राजस्थान तक ही सीमित नहीं है। महाराष्ट्र के लातूर में स्थित एक नामी कोचिंग एकेडमी का नाम भी इस विवाद में सामने आया है। सोशल मीडिया पर इस एकेडमी से जुड़े कुछ वीडियो और प्रश्न पत्रों की फोटोकॉपी तेजी से साझा की जा रही हैं। लातूर के पुलिस अधीक्षक अमोल तांबे ने इस मामले पर संज्ञान लिया है। हालांकि स्थानीय पुलिस ने अभी तक इस मामले में कोई औपचारिक आपराधिक जांच शुरू नहीं की है।
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने शुरू में इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया था। NTA ने शनिवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में दावा किया कि 3 मई की परीक्षा “पूर्ण सुरक्षा प्रोटोकॉल” के तहत हुई। एजेंसी के मुताबिक सभी केंद्रों पर परीक्षा शांतिपूर्ण और सामान्य रूप से संपन्न हुई थी। लेकिन 7 मई की रात कुछ संदिग्ध इनपुट मिलने के बाद NTA के सुर बदल गए। एजेंसी ने अब मामले की जांच केंद्रीय एजेंसियों को सौंप दी है।
NTA ने स्पष्ट किया है कि वह स्वतंत्र सत्यापन और आवश्यक कार्रवाई के लिए पूरी तरह तैयार है। एजेंसी जांचकर्ताओं को परीक्षा से संबंधित सभी तकनीकी डेटा और लॉग्स उपलब्ध करा रही है। फिलहाल किसी की गिरफ्तारी या बड़ी छापेमारी की पुष्टि आधिकारिक तौर पर नहीं की गई है। NTA का कहना है कि वह छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं होने देगी। यदि कोई गड़बड़ी पाई गई तो दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
देशभर के परीक्षार्थी और उनके अभिभावक अब सुप्रीम कोर्ट और केंद्र सरकार के रुख का इंतजार कर रहे हैं। राजस्थान SOG की जांच रिपोर्ट इस पूरे मामले में टर्निंग पॉइंट साबित हो सकती है। अगर 100 से ज्यादा प्रश्नों के हूबहू मिलने की पुष्टि होती है, तो परीक्षा रद्द करने की मांग तेज हो सकती है। फिलहाल जांच एजेंसियां सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स और टेलीग्राम ग्रुप्स को खंगाल रही हैं। डिजिटल फुटप्रिंट्स के जरिए असली मास्टरमाइंड तक पहुंचने की कोशिशें जारी हैं।


