Himachal News: हिमाचल प्रदेश की एक बाइस वर्षीय बेटी ने अपनी पहली कोशिश में ही बड़ा इतिहास रच दिया है। कांगड़ा जिले के धर्मशाला की रहने वाली दिव्या ज्योति कटोच ने प्रतिष्ठित हिमाचल प्रशासनिक सेवा परीक्षा पास कर ली है। उन्होंने अपने पहले ही प्रयास में यह शानदार सफलता प्राप्त की है। दिव्या वर्तमान में उपायुक्त कार्यालय कांगड़ा में बतौर तहसीलदार अपना प्रशिक्षण ले रही हैं। उनकी इस बेमिसाल कामयाबी से पूरे राज्य का सिर गर्व से ऊंचा हुआ है।
कॉलेज की पढ़ाई के तुरंत बाद हासिल की बड़ी मंजिल
दिव्या ज्योति कटोच धर्मशाला के सिविल लाइन इलाके की निवासी हैं। वह राजकीय महाविद्यालय धर्मशाला की बेहद होनहार और मेधावी छात्रा रही हैं। उन्होंने साल दो हजार चौबीस में इसी कॉलेज से राजनीति विज्ञान में अपनी स्नातक डिग्री पूरी की थी। पढ़ाई खत्म होने के मात्र एक साल के भीतर ही उन्होंने यह कठिन मुकाम हासिल कर लिया। दिव्या ने साल दो हजार पच्चीस की एचएएस परीक्षा को पास करके अपनी असाधारण प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है।
शिक्षण संस्थान में हुआ इस होनहार बेटी का भव्य स्वागत
दिव्या की इस ऐतिहासिक जीत पर उनके कॉलेज में एक भव्य सम्मान समारोह का सफल आयोजन हुआ। राजकीय महाविद्यालय धर्मशाला के प्राचार्य प्रोफेसर राकेश पठानिया ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। इस मौके पर अंग्रेजी विभाग के अध्यक्ष डॉ. नरेश शर्मा और कॉलेज स्टाफ मौजूद था। प्राचार्य ने कहा कि दिव्या ने पूरे शिक्षण संस्थान का नाम रोशन किया है। उनकी यह शानदार सफलता कॉलेज के सभी नए विद्यार्थियों के लिए बहुत बड़ी प्रेरणा का काम करेगी।
माता-पिता को दिया सफलता का पूरा श्रेय
दिव्या ने कामयाबी का श्रेय अपने माता-पिता और गुरुजनों को दिया है। पिता भूपिंदर चंद कटोच और माता अनुपमा कटोच बेटी की सफलता से काफी खुश हैं। दिव्या ने परीक्षा की तैयारी कर रहे युवाओं को खास संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक सेवा में सफलता के लिए अनुशासन बहुत जरूरी है। सभी छात्रों को सही योजना बनानी चाहिए। दिव्या ने कहा कि लड़कियां अगर ठान लें तो कोई मंजिल दूर नहीं है।


