शेयर बाजार में पैसों का सैलाब! एक झटके में 5 लाख करोड़ कमाकर गदगद हुए निवेशक, जानिए तेजी के 3 बड़े कारण

India News: भारतीय शेयर बाजार में दस अप्रैल को शानदार रिकवरी देखने को मिली है। गुरुवार की गिरावट के बाद बाजार ने जोरदार वापसी की। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स आठ सौ पचास अंक उछल गया। निफ्टी भी चौबीस हजार के करीब पहुंच गया। इस तेजी से निवेशकों की संपत्ति में भारी इजाफा हुआ। बीएसई में लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप पांच लाख करोड़ रुपये बढ़ गया। कुल आंकड़ा चार सौ पचास लाख करोड़ रुपये हो गया है।

गुरुवार को बाजार में रही थी भारी गिरावट

बाजार में यह शानदार तेजी गुरुवार की निराशा के बाद आई है। गुरुवार को सेंसेक्स नौ सौ इकतीस अंक गिरकर बंद हुआ था। यह सूचकांक छिहत्तर हजार छह सौ इकतीस पर आ गया था। निफ्टी में दो सौ बाईस अंकों की भारी कमजोरी देखने को मिली थी। निफ्टी तेईस हजार सात सौ पचहत्तर पर बंद हुआ था। शुक्रवार को बाजार खुलते ही यह माहौल पूरी तरह बदल गया। निवेशकों ने बाजार में जमकर खरीदारी शुरू कर दी।

बैंकिंग और फाइनेंशियल शेयरों ने भरा बाजार में जोश

बाजार में आई इस जबर्दस्त तेजी के मुख्य कारण सामने आए हैं। पहला बड़ा कारण बैंकिंग और फाइनेंशियल शेयरों में जमकर खरीदारी होना है। इस अहम सेक्टर में करीब डेढ़ प्रतिशत की भारी तेजी दर्ज की गई। पूरे हफ्ते में यह सेक्टर आठ प्रतिशत से ज्यादा चढ़ चुका है। सरकारी और प्राइवेट बैंक शेयरों की मजबूती ने बाजार का सेंटीमेंट पूरी तरह बदल दिया। इन शेयरों में भारी निवेश से पूरे बाजार को एक बहुत मजबूत सहारा मिला है।

ग्लोबल बाजारों के पॉजिटिव संकेतों से बढ़ा भरोसा

बाजार में उछाल का दूसरा बड़ा कारण विदेशी बाजारों से मिले सकारात्मक संकेत हैं। एशियाई बाजारों में तेजी के रुख ने भारतीय बाजार को सपोर्ट दिया। जापान, दक्षिण कोरिया, चीन और हांगकांग के इंडेक्स हरे निशान में रहे। अमेरिकी बाजार भी मजबूत स्थिति में बंद हुए। इससे निवेशकों का भरोसा काफी बढ़ गया। विशेषकर अमेरिकी टेक शेयरों में खास तेजी देखी गई। एआई चिप डेवलपमेंट की खबरों के बाद अमेजन के शेयर पांच प्रतिशत से ज्यादा चढ़ गए।

भू-राजनीतिक तनाव कम होने और रुपये की मजबूती का असर

अल्फाबेट और इंटेल जैसी कंपनियों के शेयरों में मजबूती दिखी है। विशेषज्ञों के अनुसार अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने की उम्मीद है। इससे ग्लोबल सेंटीमेंट को अच्छा सपोर्ट मिला है। बाजार में तेजी का तीसरा कारण भारतीय रुपये में आई मजबूती है। रुपया डॉलर के मुकाबले काफी ज्यादा मजबूत हुआ है। यह दस पैसे की बढ़त के साथ बानवे रुपये इकतालीस पैसे पर पहुंच गया। मजबूत करेंसी से विदेशी निवेशकों का भरोसा बहुत ज्यादा बढ़ा है।

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