Jabalpur News: मध्य प्रदेश के जबलपुर में डुमना एयरपोर्ट के पास स्थित गधेरी गांव में उस समय हड़कंप मच गया, जब जमीन के नीचे एक भारी-भरकम जिंदा बम बरामद हुआ। इस खतरनाक बम की सूचना मिलते ही पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया और सुरक्षा एजेंसियां तुरंत अलर्ट हो गईं।
गधेरी गांव में रहने वाले सुनील यादव अपने खाली प्लॉट पर नए मकान का निर्माण करवा रहे थे। वहां मजदूरों द्वारा पिलर के लिए मुरुम की खुदाई का काम किया जा रहा था। इसी दौरान जमीन से करीब तीन-चार फीट नीचे मजदूरों को एक बेहद संदिग्ध और भारी वस्तु दिखाई दी।
मजदूरों ने जब उस वस्तु की आकृति को ध्यान से देखा तो उनके होश उड़ गए। वह बिल्कुल एक बड़े बम की तरह नजर आ रहा था। मजदूरों में तुरंत दहशत फैल गई और उन्होंने काम रोककर गृहस्वामी को बताया, जिसके बाद फौरन स्थानीय जिला पुलिस को इसकी सूचना दी गई।
रक्षा मंत्रालय की अनुमति के बाद रेस्क्यू
बम मिलने की खबर मिलते ही पुलिस की विशेष टीम सबसे पहले मौके पर पहुंची। शुरुआती जांच में पुलिस ने पाया कि यह एक बेहद संवेदनशील जिंदा यूएक्सओ बम है। इस विशाल बम का कुल वजन करीब पंद्रह किलोग्राम था और इसकी मारक क्षमता पचास मीटर के दायरे तक थी।
यह खतरनाक बम जहां मिला है, वह जगह आयुध निर्माणी फैक्ट्री खमरिया से महज छह किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जिला पुलिस और प्रशासन ने तुरंत मोर्चा संभाला। पुलिस की टीम ने बिना देरी किए सुरक्षा घेरा बनाकर बम को सेना के सुपुर्द कर दिया।
इस खतरनाक बम को ढूंढने से लेकर पूरी तरह निष्क्रिय करने तक का सफर करीब आठ घंटे लंबा रहा। बम बेहद संवेदनशील स्थिति में था, इसलिए जिला प्रशासन, स्थानीय पुलिस और सेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने नई दिल्ली स्थित रक्षा मंत्रालय से इसे तुरंत नष्ट करने की आपातकालीन परमिशन मांगी।
सेना के जवानों ने सूझबूझ से टाला खतरा
रक्षा मंत्रालय से हरी झंडी मिलते ही सेना के बम निरोधक दस्ते के प्रशिक्षित जवान एक्शन में आ गए। सेना के अधिकारियों के मुताबिक यह बम काफी पुराना था और पूरी तरह सक्रिय अवस्था में था। इसे ज्यादा देर तक सुरक्षित रखना आसपास की आबादी के लिए बेहद जानलेवा साबित हो सकता था।
सेना के जांबाज जवानों ने बेहद सुरक्षित और वैज्ञानिक तरीके का इस्तेमाल करते हुए इस भारी-भरकम जिंदा बम को पूरी तरह डिफ्यूज कर दिया। बम के निष्क्रिय होते ही पुलिस और स्थानीय ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। सेना की त्वरित कार्रवाई से आबादी वाले क्षेत्र में एक बड़ा हादसा टल गया।
Author: Vijay Chouhan


