भारत को मिला 42.5 टन सोने का खजाना: इस गांव की जमीन उगलने वाली है खरा सोना, देश के इतिहास में पहली बार होने जा रहा है ऐसा बड़ा चमत्कार

Andhra Pradesh News: भारत के इतिहास में एक बहुत बड़ा कदम उठाया गया है। देश की पहली प्राइवेट सोने की खदान अब शुरू होने वाली है। यह खदान आंध्र प्रदेश के कुर्नूल जिले के जोंनागिरी में स्थित है। इस विशाल खदान से हर साल करीब एक हजार किलो शुद्ध सोना निकाला जाएगा। भारत अब तक सोने के लिए पूरी तरह विदेशी आयात पर निर्भर था। लेकिन नई खदान के शुरू होने से देश की अर्थव्यवस्था काफी मजबूत होगी।

खदान में मिला 42.5 टन सोने का बड़ा भंडार

इस जोंनागिरी खदान में सोने का बहुत बड़ा खजाना छिपा हुआ है। शुरुआती जांच में यहां लगभग तेरह टन सोने के भंडार की पुष्टि हुई है। लेकिन भूवैज्ञानिकों का मानना है कि यहां कुल साढ़े बयालीस टन तक सोना मौजूद हो सकता है। यह खदान पांच सौ अठानवे एकड़ के विशाल क्षेत्र में फैली हुई है। इस पूरी परियोजना में जियोमैसूर सर्विसेज इंडिया मुख्य डेवलपर की भूमिका निभा रही है। इसमें अब तक भारी मात्रा में निवेश हुआ है।

सोने के आयात पर कम होगी देश की निर्भरता

भारत दुनिया में सोने का दूसरा सबसे बड़ा उपभोक्ता देश है। हमारा देश हर साल लगभग एक हजार टन सोना विदेशों से खरीदता है। अभी तक भारत में सिर्फ डेढ़ टन सोने का उत्पादन होता था। कच्चे तेल के बाद सोना भारत का दूसरा सबसे बड़ा आयात है। इस नई खदान के शुरू होने से हर साल करीब एक टन अतिरिक्त सोना देश में ही बनेगा। इससे भारत का विदेशी मुद्रा भंडार बचेगा और अर्थव्यवस्था को भारी मजबूती मिलेगी।

डेक्कन गोल्ड माइंस लिमिटेड का अहम योगदान

इस ऐतिहासिक परियोजना में डेक्कन गोल्ड माइंस लिमिटेड का बहुत बड़ा योगदान है। यह कंपनी बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध एकमात्र सोने की खोज करने वाली कंपनी है। इस कंपनी ने जियोमैसूर सर्विसेज के साथ मिलकर इस खदान को विकसित किया है। यह खदान देश के खनन क्षेत्र में एक नई शुरुआत है। इससे अन्य राज्यों में भी निजी कंपनियों को खनिज संपदा खोजने की भारी प्रेरणा मिलेगी। स्थानीय लोगों को नया रोजगार भी मिलेगा।

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