International News: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीदरलैंड्स यात्रा ने वैश्विक राजनीति में एक नया अध्याय लिख दिया है। पीएम मोदी और नीदरलैंड्स के नवनिर्वाचित प्रधानमंत्री राब जेटेन ने एक संयुक्त बयान जारी कर होर्मुज स्ट्रेट में स्वतंत्र नौवहन का पुरजोर समर्थन किया है। दोनों नेताओं ने अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों के सुरक्षित आवागमन की वकालत की।
दोनों दिग्गज नेताओं ने समुद्र में किसी भी तरह के एकतरफा प्रतिबंधों का कड़ा विरोध किया है। वैश्विक व्यापार को गति देने के लिए दोनों देशों ने इस मामले में चल रही अंतरराष्ट्रीय पहलों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। इस साझा बयान को वैश्विक व्यापारिक मार्गों की सुरक्षा के लिए बेहद अहम माना जा रहा है।
यूक्रेन युद्ध पर कूटनीति और संवाद से शांति की अपील
भारत और नीदरलैंड्स के प्रधानमंत्रियों ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतरराष्ट्रीय कानूनों की सर्वोच्चता पर विशेष जोर दिया। दोनों देशों ने वैश्विक संकटों का समाधान केवल कूटनीति के जरिए निकालने की बात कही। उन्होंने यूक्रेन में जल्द से जल्द एक न्यायपूर्ण और स्थायी शांति स्थापित करने के प्रयासों का पूरा समर्थन किया।
नीदरलैंड्स से स्वीडन के लिए रवाना होते समय प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया पर इस यात्रा की सफलता को साझा किया। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा कि इस ऐतिहासिक दौरे ने भारत और नीदरलैंड्स के द्विपक्षीय संबंधों को एक नई और अभूतपूर्व गति प्रदान की है। दोनों देशों के रिश्ते अब और मजबूत होंगे।
भारत-डच संबंध अब ‘रणनीतिक साझेदारी’ के स्तर पर
पीएम मोदी ने साफ किया कि दोनों देशों के आपसी संबंधों को अब ‘रणनीतिक साझेदारी’ के सर्वोच्च स्तर पर ले जाया गया है। उन्होंने बताया कि जल संसाधन, सेमीकंडक्टर निर्माण, नवाचार, रक्षा प्रणालियों, पर्यावरण अनुकूल स्थिरता और गतिशीलता जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए भविष्य का एक महत्वाकांक्षी खाका तैयार किया गया है।
इस ऐतिहासिक मुलाकात के दौरान दोनों देशों के बीच हरित हाइड्रोजन (Green Hydrogen) के विकास को लेकर एक महत्वपूर्ण रोडमैप की शुरुआत भी की गई। इसके अलावा दोनों राष्ट्रों ने रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ाने के लिए प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और संयुक्त उद्यमों की स्थापना पर गहराई से चर्चा की, जिससे भविष्य में बड़े रक्षा उपकरण साथ बनाए जा सकें।
चीन की आक्रामकता के बीच हिंद-प्रशांत पर बड़ा फैसला
दोनों वैश्विक नेताओं ने अंतरराष्ट्रीय कानूनों और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करने वाले एक स्वतंत्र, खुले और शांतिपूर्ण हिंद-प्रशांत क्षेत्र का पुरजोर आह्वान किया। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, बिना नाम लिए दोनों देशों की यह तीखी टिप्पणी इस रणनीतिक क्षेत्र में चीन के बढ़ते आक्रामक और विस्तारवादी व्यवहार पर एक बड़ा प्रहार है।
प्रधानमंत्री मोदी ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में सुधार और भारत की स्थायी सदस्यता के लिए नीदरलैंड्स के निरंतर और मजबूत समर्थन के लिए पीएम जेटेन का आभार जताया। इसके साथ ही दोनों नेताओं ने ‘डच सेमीकंडक्टर कंपिटेंस सेंटर’ को भारतीय सेमीकंडक्टर मिशन से जोड़ने की नई तकनीक-आधारित पहल का भी स्वागत किया।
Author: Pallavi Sharma

