Haryana News: गुरुग्राम की देवीलाल कॉलोनी में एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया है। यहां खेल-खेल में 13 साल की एक मासूम बच्ची की जान चली गई। बच्ची अपनी मां की साड़ी का झूला बनाकर झूल रही थी। अचानक साड़ी का फंदा उसके गले में कस गया। फंदा कसने से बच्ची का दम घुट गया और वह बेहोश हो गई। परिजन उसे तुरंत अस्पताल ले गए जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इस दुखद घटना से पूरे इलाके में गहरा मातम पसर गया है।
बरामदे की ग्रिल पर बांधा था झूला
यह दिल दहला देने वाली घटना रविवार शाम की है। मूल रूप से बिहार के सीतामढ़ी का यह परिवार यहां रहता है। परिवार के मुखिया सुरेश सिंह सिलाई का काम करते हैं। उनकी तीन बेटियां हैं और वे किराये के मकान में रहते हैं। घटना के समय 13 वर्षीय रानी कुमारी अपनी दो छोटी बहनों के साथ खेल रही थी। उसने घर के बरामदे में लगी ग्रिल पर साड़ी बांधकर झूला बनाया था। वह अक्सर इसी तरह से झूला बनाकर खेलती थी।
खेलते समय अचानक फंसी मासूम की गर्दन
रानी झूले पर बैठकर गोल-गोल घूम रही थी। इसी दौरान अचानक उसकी गर्दन साड़ी के फंदे में बुरी तरह फंस गई। बड़ी बहन को तड़पता देखकर दोनों छोटी बहनों ने जोर-जोर से चिल्लाना शुरू कर दिया। शोर की आवाज सुनकर मां दौड़कर मौके पर पहुंची। उन्होंने देखा कि उनकी बेटी बेसुध अवस्था में थी। मां ने तुरंत उसे साड़ी के फंदे से बाहर निकाला। परिजन आनन-फानन में बेहोश बच्ची को इलाज के लिए पास के अस्पताल ले गए।
अस्पताल में डॉक्टरों ने मृत घोषित किया
अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने बच्ची को मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों के अनुसार साड़ी में गर्दन फंसने के कारण बच्ची का दम घुट गया था। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस अस्पताल पहुंच गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। प्रक्रिया पूरी होने के बाद पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया है। सेक्टर-नौ के समीप हुई इस दर्दनाक घटना की पुलिस अब गहराई से जांच कर रही है।
बेटी की मौत से परिवार गहरे सदमे में
इस दर्दनाक हादसे ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। घर में मातम का माहौल छाया हुआ है। मृतका की मां का रो-रोकर बुरा हाल हो गया है। वह गहरे सदमे में हैं और लगातार अपनी बेटी को याद कर रही हैं। मां बार-बार यही कह रही हैं कि उन्हें अब भी बच्ची के हंसने की आवाजें सुनाई दे रही हैं। मासूम रानी की इस तरह अचानक मौत से पूरा पड़ोस भी बेहद दुखी है।


