अमेरिका और इजरायल के लिए काल बना ईरान का मिसाइल भंडार, आयरन डोम और थाड भी हुए फेल!

Iran News: मध्य पूर्व में शक्ति संतुलन अब पूरी तरह से बदल गया है। ईरान की ताकतवर मिसाइल क्षमता आज दुनिया की सबसे बड़ी सैन्य शक्ति बनकर उभरी है। अमेरिका और इजरायल के बड़े हमलों के बावजूद ईरान का मिसाइल भंडार सुरक्षित है। ईरान ने अपनी रणनीति से आधुनिक युद्ध की पूरी परिभाषा ही बदल दी है। उसके पास आज तीन हजार से ज्यादा बैलिस्टिक मिसाइलें मौजूद हैं। ये मिसाइलें दुश्मन के हर डिफेंस सिस्टम को आसानी से चकमा देने में पूरी तरह से सक्षम हैं।

हमलों के बाद भी बरकरार है ईरान की आधी से ज्यादा ताकत

अमेरिका और इजरायल ने ईरान को कमजोर करने के लिए कई बड़े हमले किए हैं। इन हमलों में ईरान के मुख्य कमांड सेंटर को निशाना बनाया गया था। लेकिन इन सब के बावजूद ईरान की मिसाइल क्षमता खत्म नहीं हुई है। ताजा रिपोर्ट के मुताबिक ईरान की पचास प्रतिशत से ज्यादा मिसाइल ताकत आज भी पूरी तरह से बरकरार है। वह लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों के दम पर एक लंबे युद्ध को लड़ने की पूरी क्षमता रखता है।

दो हजार किलोमीटर तक तबाही मचाने वाली घातक मिसाइलें

ईरान के पास पंद्रह सौ से दो हजार किलोमीटर तक मार करने वाली कई घातक मिसाइलें मौजूद हैं। इनमें खुर्रमशहर, इमाद और सज्जील जैसी खतरनाक मिसाइलें मुख्य रूप से शामिल हैं। इसके अलावा फतह हाइपरसोनिक मिसाइल दुश्मन के लिए सबसे बड़ा खतरा बन चुकी है। इस मिसाइल की गति ध्वनि की रफ्तार से पंद्रह गुना ज्यादा बताई जाती है। इस लंबी दूरी की मारक क्षमता ने ही अमेरिका और इजरायल के लिए युद्ध को जीतना बहुत मुश्किल कर दिया है।

मोबाइल लॉन्चर तकनीक से मिसाइलों को नष्ट करना हुआ नामुमकिन

ईरान के शस्त्रागार में कम और मध्यम दूरी की कई अन्य आधुनिक मिसाइलें भी मौजूद हैं। इनमें ज़ुल्फिकार, देजफुल, हाजी कासिम सुलेमानी और खैबर शिकन का नाम प्रमुख है। इन सभी मिसाइलों की सबसे बड़ी खासियत इनके मोबाइल लॉन्चर हैं। इस तकनीक की मदद से मिसाइल को तुरंत तैनात किया जाता है। हमला करने के तुरंत बाद इनका स्थान बदल दिया जाता है। इसी कारण से दुश्मन के लिए इन आधुनिक मिसाइलों को खोजकर नष्ट करना लगभग असंभव हो जाता है।

ड्रोन और क्रूज मिसाइलों ने बदल दी आधुनिक युद्ध की रणनीति

पिछले एक दशक में ईरान ने अपनी मिसाइलों की रेंज और मारक क्षमता को काफी बेहतर किया है। उसकी यह ताकत अब सिर्फ एक सैन्य क्षमता तक सीमित नहीं है। पारंपरिक वायुसेना की कमी होने के बावजूद ईरान ने हार नहीं मानी। उसने बैलिस्टिक मिसाइलों, क्रूज मिसाइलों और आधुनिक ड्रोन का एक बेहतरीन संयोजन तैयार किया है। रक्षा विशेषज्ञ मानते हैं कि यह नया मॉडल उन देशों को रास्ता दिखाता है जो सीमित संसाधनों में बड़ी शक्तियों को चुनौती देते हैं।

आयरन डोम और थाड जैसे महंगे एयर डिफेंस सिस्टम हुए नाकाम

ईरान के घातक हमलों को रोकने के लिए दुनिया के सबसे बेहतरीन एयर डिफेंस लगाए गए हैं। इनमें अमेरिका का थाड और इजरायल का आयरन डोम सिस्टम शामिल है। लेकिन ये अत्याधुनिक रक्षा प्रणाली भी हर ईरानी हमले को रोकने में पूरी तरह नाकाम साबित हुए हैं। इन इंटरसेप्टर मिसाइलों की कीमत बहुत ज्यादा होती है। इसलिए लंबे समय तक इनका इस्तेमाल करना आर्थिक रूप से एक बड़ी चुनौती है। ईरान ने अपनी मिसाइलों को एक मजबूत ढाल बना लिया है।

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