अटल टनल पर मौत का साया? प्रशासन ने पर्यटकों की एंट्री पर लगाई रोक, हिमाचल में कुदरत का ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी

Himachal News: हिमाचल प्रदेश के ऊंचे पहाड़ों पर कुदरत ने एक बार फिर डराना शुरू कर दिया है। लाहौल-स्पीति जिला प्रशासन ने अटल सुरंग (Atal Tunnel) के पास हिमस्खलन (Avalanche) का गंभीर खतरा देखते हुए पर्यटकों की आवाजाही पर पाबंदी लगा दी है। सुरंग के उत्तरी द्वार के पास सभी व्यावसायिक गतिविधियां भी तुरंत प्रभाव से रोक दी गई हैं। उधर, राजधानी शिमला सहित कई इलाकों में शुक्रवार को अचानक हुई ओलावृष्टि और बारिश ने मौसम के मिजाज को पूरी तरह बदल दिया है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और असुरक्षित क्षेत्रों में न जाने की सख्त हिदायत दी है।

अटल टनल के पास क्यों लगा प्रतिबंध?

लाहौल-स्पीति की उपायुक्त किरण भड़ाना ने बताया कि सुरंग का उत्तरी द्वार और चंद्र पुल के आसपास का इलाका हिमस्खलन के प्रति बेहद संवेदनशील है। इन क्षेत्रों में पर्यटकों की बढ़ती भीड़ और अनधिकृत दुकानों के कारण मानव जीवन को बड़ा खतरा पैदा हो गया है। आपातकालीन सेवाओं और यातायात प्रबंधन में भी इससे बाधा आ रही है। सुरक्षा कारणों से अब आम जनता और सैलानियों के लिए इन रणनीतिक क्षेत्रों में प्रवेश सख्त वर्जित रहेगा।

हिमाचल के 5 जिलों में ‘ऑरेंज अलर्ट’

शिमला मौसम विज्ञान केंद्र ने मौसम की गंभीरता को देखते हुए चेतावनी जारी की है। विभाग ने चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला जिलों में ओलावृष्टि और आसमानी बिजली गिरने का ‘ऑरेंज अलर्ट’ दिया है। इस दौरान 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है। वहीं ऊना, बिलासपुर और सोलन जैसे मैदानी व मध्यम ऊंचाई वाले जिलों के लिए 3 और 4 अप्रैल को ‘येलो अलर्ट’ जारी किया गया है।

पर्यटन स्थलों पर बर्फबारी और बारिश के आसार

पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से 3 से 6 अप्रैल के बीच मनाली, शिमला, कुफरी और नारकंडा जैसे लोकप्रिय पर्यटन स्थलों पर मौसम खराब रहेगा। सोलांग घाटी और सिस्सू में भी हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी हो सकती है। मौसम विभाग ने यह भी संकेत दिया है कि 7 अप्रैल से एक और सक्रिय विक्षोभ दस्तक देगा। इसके प्रभाव से 7 से 9 अप्रैल के बीच पूरे प्रदेश में भारी बारिश की संभावना है।

प्रशासन की पर्यटकों और स्थानीय लोगों को सलाह

खराब मौसम और हिमस्खलन की आशंका को देखते हुए जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने कुछ जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए हैं:

  • पर्यटक और स्थानीय लोग हिमस्खलन संभावित ढलानों से दूर रहें।
  • पहाड़ी रास्तों पर सफर करने से पहले मौसम और सड़क की स्थिति जरूर जांचें।
  • ओलावृष्टि और तेज हवाओं के दौरान पेड़ों या कमजोर ढांचों के नीचे शरण न लें।
  • आपातकालीन स्थिति में तुरंत स्थानीय प्रशासन या हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करें।

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