Himachal News: हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में तैनात हजारों शिक्षकों के लिए एक बड़ी खबर है। राज्य सरकार ने शिक्षकों के तबादलों पर लगा प्रतिबंध फिलहाल नहीं हटाने का फैसला किया है। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर की अध्यक्षता में हुई अहम बैठक में यह निर्णय लिया गया। अब केवल बेहद जरूरी या ‘नीड बेस्ड’ मामलों में ही तबादले किए जाएंगे। विभाग जल्द ही इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचना जारी कर देगा। सरकार के इस कदम से उन शिक्षकों को बड़ी राहत मिली है, जो अपना तीन साल का कार्यकाल पूरा कर चुके थे और उन पर तबादले की तलवार लटक रही थी।
सीबीएसई स्कूलों में नियुक्तियां बनीं प्राथमिकता
शिक्षा विभाग ने तबादलों पर रोक जारी रखने के पीछे एक ठोस तर्क दिया है। प्रदेश के 158 सरकारी स्कूलों को अब सीबीएसई (CBSE) से संबद्ध किया गया है। इन स्कूलों में लगभग 5,600 से ज्यादा शिक्षकों की नियुक्तियां होनी बाकी हैं। विभाग का मानना है कि यदि अभी सामान्य तबादलों से प्रतिबंध हटा दिया गया, तो इन विशेष स्कूलों में नियुक्तियों की प्रक्रिया पर बुरा असर पड़ेगा। इसलिए सरकार पहले इन स्कूलों में शिक्षकों की तैनाती को प्राथमिकता देगी, उसके बाद ही अन्य विकल्पों पर विचार किया जाएगा।
31 मार्च को खत्म हुआ था प्रतिबंध, अब बदला फैसला
पहले के नियमों के अनुसार, शिक्षकों के तबादलों पर शैक्षणिक सत्र की समाप्ति यानी 31 मार्च तक रोक लगाई गई थी। विभाग ने पूर्व में यह योजना बनाई थी कि अप्रैल के पहले सप्ताह में बैन हटाकर 15 अप्रैल तक आवेदन मांगे जाएंगे। लेकिन अब इस योजना को पूरी तरह बदल दिया गया है। विभाग के अनुसार, सामान्य तबादले नहीं होंगे, लेकिन गंभीर बीमारी या विशेष परिस्थितियों में समायोजन किया जा सकता है। जहां शिक्षकों की बहुत ज्यादा कमी है या एक ही विषय के अधिक शिक्षक हैं, वहां जरूरत के हिसाब से फेरबदल होगा।
खाली पड़े हैं 11 हजार से ज्यादा पद, 1500 शिक्षक हाल ही में हुए रिटायर
हिमाचल के शिक्षा विभाग में पदों का खाली होना एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। वर्तमान में प्रदेश के स्कूलों में 11,716 पद रिक्त पड़े हैं। इनमें जेबीटी के 3,567 पद, प्रवक्ताओं के 2,642 पद और शारीरिक शिक्षकों के 1,011 पद शामिल हैं। इसके अलावा प्रधानाचार्य, मुख्याध्यापक और टीजीटी के भी सैकड़ों पद खाली हैं। हाल ही में 1,500 शिक्षक सेवानिवृत्त हुए हैं, जिन्हें बीच सत्र में नहीं हटाया गया था। विभाग अब इन रिक्तियों को भरने और सीबीएसई संबद्ध स्कूलों को सुचारू रूप से चलाने पर अपना पूरा ध्यान केंद्रित कर रहा है।


