Uttar Pradesh News: अगर आप कोई नया मकान, दुकान, फ्लैट या जमीन खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो आपके लिए एक बड़ी खबर है। सरकार आगामी एक अगस्त से नए सर्किल रेट लागू करने की पूरी तैयारी कर रही है। इसके बाद संपत्ति खरीदना काफी महंगा हो जाएगा।
परिवहन और निबंधन विभाग ने निर्धारित प्रारूप पर नई मानकीकृत मूल्यांकन सूची लागू करने का फैसला किया है। इसके लिए विभाग ने आम जनता से आगामी 30 जून तक आपत्तियां (ऑब्जेक्शन) मांगी हैं। सभी सब-रजिस्ट्रार को इन आपत्तियों का निस्तारण करना होगा।
सभी शिकायतों का निपटारा 31 जुलाई तक हर हाल में पूरा करना होगा। इस प्रक्रिया के पूरा होने के बाद ही राज्य में एक अगस्त से नए सर्किल रेट पूरी तरह से प्रभावी हो जाएंगे। इससे रियल एस्टेट सेक्टर में प्रॉपर्टी की कीमतों में भारी उछाल आएगा।
आईजी स्टांप ने समय पर प्रस्ताव तैयार करने के दिए सख्त निर्देश
पिछले साल आपत्तियों के निस्तारण में हुई भारी देरी के कारण सितंबर महीने में नए सर्किल रेट लागू हो सके थे। इस बार प्रशासन समय से काम पूरा करना चाहता है। पूरे प्रदेश में एक समान मानकीकृत मूल्यांकन सूची तैयार करने की प्रक्रिया तेज हो गई है।
महानिरीक्षक निबंधन नेहा शर्मा ने एआईजी स्टांप को एक कड़ा आधिकारिक पत्र भेजा है। इस पत्र में उन्होंने साफ कहा है कि मानकीकृत प्रारूप पर मूल्यांकन सूची लागू करने का टाइम शेड्यूल पहले ही तय कर दिया गया है। इसलिए सभी अधिकारी समय पर अपनी कार्यवाही सुनिश्चित करें।
आईजी स्टांप के अनुसार मूल्यांकन सूची के सभी आवश्यक प्रस्ताव जल्द से जल्द तैयार किए जाएं। हालांकि कई प्रशासनिक कारणों से सब-रजिस्ट्रार अभी तक इस मानकीकृत सूची के प्रस्ताव पूरी तरह तैयार नहीं कर सके हैं। इन प्रस्तावों के बनते ही आम जनता से आपत्तियां मांगी जाएंगी।
रोड की चौड़ाई के आधार पर तय की गईं सात नई कैटेगरी
इस बार नई मानकीकृत मूल्यांकन सूची में सड़कों की चौड़ाई को मुख्य आधार बनाया गया है। इसमें तीन, छह, नौ, 12, 15, 18 और 18 मीटर से ज्यादा चौड़ी सड़क के आधार पर ही संपत्तियों के नए सर्किल रेट तय किए जाएंगे। इससे मूल्यांकन में पारदर्शिता आएगी।
इस नई व्यवस्था से कुछ संपत्ति मालिकों को बड़ी राहत मिलने की भी पूरी उम्मीद जताई जा रही है। तीन और छह मीटर जैसी कम चौड़ी सड़कों के सामने स्थित संपत्तियों की सरकारी कीमतों में इस बार थोड़ी कमी आ सकती है, जिससे खरीदारों को फायदा होगा।
दरअसल पुरानी व्यवस्था में कम चौड़ी सड़क होने के बावजूद कम से कम 9 मीटर सड़क के आधार पर ही सर्किल रेट तय होते थे। पहले रोड की केवल तीन श्रेणियां ही उपलब्ध थीं। लेकिन इस बार सरकार ने रोड की चौड़ाई के हिसाब से सात अलग-अलग कैटेगरी बनाई हैं।
Author: Ajay Mishra


