Uttar Pradesh News: अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी के आरोपों ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। महंत नृत्य गोपाल दास के उत्तराधिकारी महंत कमल नयन दास ने इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है। उन्होंने दावा किया कि करोड़ों भक्तों की आस्था से जुड़े इस मंदिर में भारी वित्तीय अनियमितताएं हुई हैं।
महंत कमल नयन दास ने चढ़ावे की व्यवस्था पर कड़े सवाल उठाए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि राम मंदिर पूरे देश की गहरी आस्था का मुख्य केंद्र है। यहां देश और दुनिया से श्रद्धालु अपनी श्रद्धा का दान करते हैं। अगर इस दान के प्रबंधन में किसी भी तरह की धांधली होती है, तो यह बहुत गंभीर बात है।
‘साइकिल वालों के पास आई लग्जरी कारें’
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा आरोप अचानक बढ़ी हुई संपत्ति को लेकर है। कमल नयन दास ने आरोप लगाया कि पहले जो लोग सिर्फ साइकिल से चलते थे, वे अब लग्जरी और महंगी कारों में घूम रहे हैं। इन लोगों की संपत्ति में इतनी तेजी से बढ़ोतरी कैसे हुई, इसकी बारीकी से जांच होनी चाहिए।
जांच करने वाली कमेटियों की नीयत पर भी उन्होंने गहरा संदेह जताया है। उनका मानना है कि जब जांच करने वाले अधिकारी ही बेईमान हो जाएं, तो फिर सही और निष्पक्ष जांच की कोई उम्मीद नहीं बचती है। इसलिए किसी भी स्तर पर होने वाले भ्रष्टाचार को छिपाने की जगह उसे जनता के सामने लाना जरूरी है।
स्वतंत्र एजेंसी से जांच की मांग
धार्मिक संस्थाओं का संचालन पूरी पारदर्शिता के साथ होना चाहिए। महंत ने सरकार से सख्त मांग की है कि इस बड़े मामले की जांच किसी स्वतंत्र और निष्पक्ष एजेंसी से कराई जाए। जांच पूरी तरह पारदर्शी होनी चाहिए जिससे किसी भी प्रकार के संदेह की कोई गुंजाइश बाकी न रहे और असली सच सामने आ सके।
उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाता है, उसके खिलाफ बिना किसी भेदभाव के सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। दोषियों को कठोर सजा मिलने से दुनिया भर के श्रद्धालुओं का मंदिर व्यवस्था पर विश्वास और ज्यादा मजबूत होगा। इसके साथ ही मंदिर की मर्यादा और गरिमा भी सुरक्षित रहेगी।
Author: Ajay Mishra


