Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश के बुनकरों को आर्थिक रूप से समृद्ध बनाने के लिए सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। राज्य के हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग मंत्री राकेश सचान ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि बुनकरों को जल्द से जल्द आधुनिक तकनीक वाली मशीनें उपलब्ध कराई जाएं।
लाखों बुनकर परिवारों की आजीविका का मुख्य आधार
विभागीय समीक्षा बैठक में मंत्री राकेश सचान ने कहा कि हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग न केवल उत्तर प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है, बल्कि यह राज्य के लाखों बुनकर परिवारों की आजीविका का मुख्य आधार भी है। इसलिए योजनाओं में कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।
बुधवार को पिकप भवन में आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में राज्य हथकरघा निगम, यूपिका और हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग विभाग के कामकाज की बारीकी से समीक्षा की गई। मंत्री ने सख्त लहजे में कहा कि विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की ढिलाई या शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी।
उत्पादों की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर होगी ब्रांडिंग
मंत्री राकेश सचान ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी पात्र लाभार्थियों तक सरकारी योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ अनिवार्य रूप से पहुंचाया जाए। उन्होंने प्रदेश में बनने वाले हथकरघा एवं वस्त्र उत्पादों की गुणवत्ता, डिजाइन, पैकेजिंग और ब्रांडिंग को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप अपग्रेड करने पर जोर दिया।
उत्तर प्रदेश के पारंपरिक वस्त्रों को वैश्विक बाजार दिलाने के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन मार्केटिंग व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाया जाएगा। इसके लिए बुनकरों के उत्पादों को बड़े ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाएगा। साथ ही देश-विदेश में नए बाजारों की तलाश करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
अधिकारियों ने पेश की भावी कार्ययोजना
इस उच्च स्तरीय बैठक में विभागीय वरिष्ठ अधिकारियों ने विभिन्न सरकारी योजनाओं की वर्तमान प्रगति और बजट व्यय का पूरा ब्योरा पेश किया। इसके साथ ही निगमों की वित्तीय स्थिति, उत्पादन, विपणन संबंधी उपलब्धियों तथा आगामी कार्ययोजना का एक विस्तृत डिजिटल प्रस्तुतीकरण भी दिया गया।
सरकार की इस नई पहल से उत्तर प्रदेश के वस्त्र उद्योग को एक नई दिशा मिलेगी। आधुनिक मशीनें मिलने से न केवल कपड़ों की उत्पादन क्षमता में भारी इजाफा होगा, बल्कि बुनकरों के उत्पादों की फिनिशिंग भी विश्वस्तरीय हो जाएगी। इससे उनकी आय बढ़ाने में काफी मदद मिलेगी।
Ajay Mishra


