West Bengal News: तृणमूल कांग्रेस के सांसद कीर्ति आजाद ने शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा ‘ऑपरेशन लोटस’ के जरिए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी को तोड़ने की कोशिश कर रही है। हालांकि उन्होंने दावा किया कि विपक्ष के यह सभी प्रयास अब तक पूरी तरह विफल रहे हैं।
अमित शाह के मार्गदर्शन में चल रहा ऑपरेशन लोटस
सांसद कीर्ति आजाद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट के जरिए अपनी बात रखी। उन्होंने राज्यसभा सदस्य प्रकाश चिक बराइक के इस्तीफे और भाजपा नेताओं की दिल्ली में हुई बैठकों को पार्टी को कमजोर करने की संगठित कोशिश बताया। आजाद के अनुसार, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में यह पूरा अभियान चल रहा है।
इस बड़े सियासी संकट के बीच सोशल मीडिया पर तृणमूल कांग्रेस के 19 लोकसभा सांसदों के नाम और हस्ताक्षरों वाली एक कथित लिस्ट वायरल हो रही है। इस ऑनलाइन दस्तावेज से बागी नेताओं के बड़े कदम का संकेत मिलता है। हालांकि, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को संबोधित यह पत्र अभी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं है।
तीन बड़े सांसदों के इस्तीफे से संकट में घिरी पार्टी
इस वायरल सूची में काकोली घोष दस्तीदार, शताब्दी रॉय, यूसुफ पठान, महुआ मोइत्रा और जून मालिया समेत कई बड़े नेताओं के दस्तखत होने का दावा है। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हार के बाद से ही तृणमूल के भीतर गहरा असंतोष फैल रहा था, जो अब संसद तक पहुंच गया है। बागी सांसद लगातार नया गुट बनाने का दावा कर रहे हैं।
प्रकाश चिक बराइक इस हफ्ते इस्तीफा देने वाले तीसरे बड़े सांसद बन गए हैं। उनसे पहले वरिष्ठ नेता सुखेंदु शेखर राय और सुष्मिता देव भी अपने पदों से त्यागपत्र दे चुके हैं। सांसदों के इस ताबड़तोड़ इस्तीफे ने पार्टी के भीतर शीर्ष नेतृत्व के मतभेदों को पूरी तरह सड़कों पर लाकर उजागर कर दिया है।
अभिषेक बनर्जी के खिलाफ वरिष्ठ नेताओं ने खोला मोर्चा
वरिष्ठ तृणमूल नेता कल्याण बनर्जी ने पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने साफ कहा कि वह पार्टी में तभी रहेंगे जब अभिषेक को सभी नेतृत्व पदों से तुरंत हटाया जाएगा। हालांकि कीर्ति आजाद ने इस बयान को ज्यादा महत्व न देते हुए कहा कि सभी सांसद दीदी के प्रति वफादार हैं।
कीर्ति आजाद ने एक न्यूज एजेंसी से कहा कि कल्याण बनर्जी बहुत भावुक व्यक्ति हैं। वह हर बुरे समय में दीदी के साथ मजबूती से खड़े रहे हैं। वे कभी भी ममता बनर्जी के साथ विश्वासघात नहीं कर सकते। संकट के बावजूद सौगत रॉय और शत्रुघ्न सिन्हा जैसे वरिष्ठ नेताओं ने मुख्यमंत्री के प्रति अपना समर्थन दोहराया है।
सुरक्षा हटाकर नेताओं पर दबाव बनाने का लगा आरोप
सांसद आजाद ने यह गंभीर आरोप भी लगाया कि केंद्रीय एजेंसियों और सुरक्षा कर्मियों को हटाकर तृणमूल नेताओं पर लगातार मानसिक दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे कदमों से पार्टी के नेता डरने वाले नहीं हैं। राजनीतिक संघर्ष के लिए वे इस कानूनी और लोकतांत्रिक लड़ाई को अंतिम समय तक पूरी ताकत से लड़ेंगे।
उन्होंने गर्व से कहा कि वह एक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर भी रह चुके हैं, जिसके कारण समाज में उनकी अपनी एक अलग पहचान और प्रतिष्ठा है। इस बगावत के बाद राज्य में राजनीतिक हलचल बहुत तेज हो गई है। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल इस पूरे घटनाक्रम को चुनावी पारदर्शिता से जोड़कर देख रहे हैं।
Author: Harikarishan Sharma


