International News: अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। अमेरिकी अपाचे हेलीकॉप्टर के गिराए जाने के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जवाबी कार्रवाई का बड़ा ऐलान किया था। अब अमेरिकी एयरफोर्स ने ईरान के कई ठिकानों पर ताबड़तोड़ हवाई हमले शुरू कर दिए हैं।
अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड ने बताया कि मंगलवार शाम राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सीधे निर्देश पर ईरान के खिलाफ हवाई हमले किए गए। पेंटागन का कहना है कि यह बड़ी कार्रवाई अमेरिकी अपाचे हेलीकॉप्टर को मार गिराने के जवाब में आत्मरक्षा के तहत की गई है।
ईरान के चार प्रमुख इलाकों में हुए तेज धमाके
ईरानी समाचार एजेंसियों मेहर और फार्स के मुताबिक होरमोजगान प्रांत के कई क्षेत्रों में भारी मिसाइल विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं। अमेरिकी जेट विमानों ने मुख्य रूप से कूंहेस्तक, सीरिक, मिनाब और बंदर अब्बास को निशाना बनाया है। हालांकि नुकसान का सटीक आंकड़ा अभी सामने नहीं आया है।
यह खतरनाक सैन्य टकराव ऐसे समय में हुआ है जब दोनों देशों के बीच चल रहा नाजुक युद्धविराम पूरी तरह टूट गया है। इससे ठीक एक दिन पहले ही ईरान और इजरायल के बीच भी सीजफायर के बाद पहली बार भारी गोलीबारी हुई थी, जिससे स्थिति बिगड़ी।
वन-वे अटैक ड्रोन से अपाचे हेलीकॉप्टर को बनाया निशाना
रॉयटर्स की एक एक्सक्लूसिव रिपोर्ट के अनुसार अमेरिकी अधिकारियों का दावा है कि ईरान के एक वन-वे अटैक ड्रोन ने अमेरिकी एएच-64 अपाचे हेलीकॉप्टर को मार गिराया था। राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि उनका लड़ाकू हेलीकॉप्टर होरमुज जलडमरूमध्य के ऊपर नियमित गश्त पर था।
अमेरिकी डिफेंस कमांड के अनुसार क्रैश हुए हेलीकॉप्टर में सवार दोनों क्रू मेंबर्स को हाई-टेक समुद्री ड्रोन की मदद से सुरक्षित बचा लिया गया है। दोनों जवानों को मिलिट्री बेस अस्पताल ले जाया गया है, जहां उनकी स्थिति पूरी तरह स्थिर बताई जा रही है।
ईरान ने अमेरिकी आरोपों को सिरे से किया खारिज
दूसरी तरफ ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने अमेरिकी दावों को खारिज किया है। उन्होंने कहा कि होरमुज जलडमरूमध्य अमेरिकी सीमा से हजारों मील दूर है। इस संवेदनशील क्षेत्र में मौजूद विदेशी नौसेनाएं खुद अपनी गलती से बड़ा जोखिम उठा रही हैं।
ईरान के उप विदेश मंत्री काजम गरीबाबादी ने अंतरराष्ट्रीय मीडिया अल जजीरा से बात करते हुए दावा किया कि अपाचे हेलीकॉप्टर को जानबूझकर निशाना नहीं बनाया गया था। इसके बावजूद ताजा अमेरिकी हमलों ने पूरे खाड़ी क्षेत्र में पूर्ण युद्ध और अनिश्चितता को बढ़ा दिया है।
Author: Pallavi Sharma

