World News: पश्चिम एशिया में जारी भीषण संघर्ष के बीच एक बेहद चौंकाने वाला बयान सामने आया है। इजरायली सेना के चीफ ऑफ स्टाफ एयाल जामिर ने खुले तौर पर दावा किया है कि लेबनान में वास्तव में कोई सीजफायर यानी युद्धविराम लागू नहीं है।
सेना प्रमुख एयाल जामिर ने यह सनसनीखेज बयान हैफा के एक महत्वपूर्ण नौसैनिक अड्डे का दौरा करते हुए दिया। उन्होंने साफ किया कि भले ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार युद्धविराम बनाए रखने की कोशिश कर रहे हों, लेकिन जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलट बनी हुई है।
यह तल्ख टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब वाशिंगटन में इजरायल और लेबनान के बीच अमेरिका की मध्यस्थता में चौथे दौर की शांति वार्ता चल रही है। ईरान समर्थित लेबनानी गुट हिज्बुल्ला इन शांति वार्ताओं का शुरू से ही कड़ा विरोध कर रहा है।
ईरान की सीधी चेतावनी: बेरूत पर हमला हुआ तो भुगतना होगा अंजाम
इस बीच ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने लेबनान के अल मायदीन टीवी को दिए एक इंटरव्यू में इजरायल को सीधे तौर पर ललकारा है। उन्होंने साफ चेतावनी दी कि बेरूत पर किया गया कोई भी नया हमला क्षेत्र में पूर्ण युद्ध की बहाली का मुख्य कारण बनेगा।
ईरानी विदेश मंत्री ने कड़े लहजे में कहा कि अगर इजरायल ने बेरूत के उपनगरों पर दोबारा हमला करने की जुर्रत की, तो ईरानी सशस्त्र बल इजरायल पर सीधा और भीषण जवाबी हमला करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि हम चुप नहीं बैठेंगे।
अराघची ने यह भी खुलासा किया कि तेहरान और वाशिंगटन के बीच पर्दे के पीछे संचार के चैनल जरूर खुले हुए हैं। इसके बावजूद क्षेत्रीय संघर्ष को पूरी तरह समाप्त करने की कोशिशों में अभी तक कोई ठोस प्रगति हासिल नहीं हो सकी है।
खाड़ी क्षेत्र में बढ़ा बारूदी तनाव
इस बीच कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हाल ही में हुए घातक हमले को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच आरोप-प्रत्यारोप का खेल और तेज हो गया है। इस हवाई हमले के बाद से पूरे खाड़ी क्षेत्र में रणनीतिक तनाव चरम पर पहुंच चुका है।
ईरान ने इस पूरी घटना को अमेरिकी पैट्रियट मिसाइल सिस्टम की एक तकनीकी खराबी करार दिया है। दूसरी तरफ, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने ईरान के दावे को सिरे से खारिज करते हुए इसे तेहरान द्वारा किया गया एक सोचा-समझा ड्रोन हमला बताया है।
Author: Pallavi Sharma


