Pakistan News: नमस्कार। मध्य पूर्व में भड़के अमेरिका और ईरान युद्ध का भयानक असर अब पड़ोसी देश पाकिस्तान पर दिखने लगा है। पाकिस्तान में तेल का भारी संकट पैदा हो गया है। हालात इतने खराब हैं कि शहबाज शरीफ सरकार ने पूरे देश में ‘स्मार्ट लॉकडाउन’ लगा दिया है। पेट्रोल और डीजल की कमी से देश की रफ्तार पूरी तरह रुक गई है। यह ऐतिहासिक संकट पाकिस्तान की पहले से बदहाल अर्थव्यवस्था के लिए एक बहुत बड़ा झटका है।
अमेरिका-ईरान युद्ध से गहराया पेट्रोल-डीजल संकट
अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध ने वैश्विक तेल सप्लाई चेन को पूरी तरह तोड़ दिया है। इसका सबसे ज्यादा खामियाजा पाकिस्तान को भुगतना पड़ रहा है। पाकिस्तान अपनी जरूरत का ज्यादातर कच्चा तेल बाहर से आयात करता है। खाड़ी देशों से तेल के जहाज अब पाकिस्तान के बंदरगाहों तक सुरक्षित नहीं पहुंच पा रहे हैं। पाकिस्तान का विदेशी मुद्रा भंडार पहले ही खाली पड़ा है। अब सरकार के पास महंगे दामों पर बाजार से तेल खरीदने के पैसे भी नहीं बचे हैं।
शहबाज सरकार का ‘स्मार्ट लॉकडाउन’ दांव
इस भारी संकट से निपटने के लिए प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने एक सख्त कदम उठाया है। सरकार ने देश भर में पेट्रोल और डीजल बचाने के लिए ‘स्मार्ट लॉकडाउन’ लागू कर दिया है। इसके तहत सरकारी दफ्तरों में कर्मचारियों की संख्या काफी कम कर दी गई है। वर्क फ्रॉम होम को फिर से तेजी से लागू किया जा रहा है। स्कूल और शिक्षण संस्थान भी कुछ दिनों के लिए ऑनलाइन क्लास चलाने की तैयारी कर रहे हैं। सार्वजनिक परिवहन में भारी कटौती की गई है।
आम जनता पर पड़ी महंगाई की दोहरी मार
इस तेल संकट ने आम पाकिस्तानी नागरिक की कमर पूरी तरह तोड़ दी है। पेट्रोल पंपों पर वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लगी हुई हैं। कई बड़े शहरों में पेट्रोल पंप पूरी तरह सूख चुके हैं और वहां ताले लटक गए हैं। तेल की कमी के कारण माल ढुलाई बहुत अधिक महंगी हो गई है। इसका सीधा असर खाने-पीने की जरूरी चीजों की कीमतों पर पड़ा है। महंगाई दर एक बार फिर आसमान छूने लगी है। पाकिस्तान की अवाम इस स्थिति से भारी गुस्से में है।


